जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर कई वीडियो सामने आए हैं. जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो ने हादसे की भयावहता, लापरवाही और आखिरी पलों की दर्दनाक सच्चाई को सामने ला दिया है. एक वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जब क्रूज के अंदर पानी तेजी से भरने लगा और बोट डूबने की स्थिति में आ गई, तभी यात्रियों को लाइफ जैकेट बांटी गईं. इस दौरान पूरे क्रूज में अफरा-तफरी और खौफ फैल गया. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. पानी तेजी से ऊपर चढ़ रहा था और लोग घबराकर एक-दूसरे को लाइफ जैकेट देने की कोशिश कर रहे थे.
इस वीडियो में एक बेहद भावुक और दर्दनाक दृश्य भी सामने आया है. इसमें एक मां अपने कलेजे के टुकड़े को लाइफ जैकेट से सुरक्षित रखने की कोशिश करती दिखाई दी. यह वही मां और बेटा हैं, जिन्हें बाद में उसी लाइफ जैकेट के साथ मृत अवस्था में बरामद किया गया. यह तस्वीर पूरे हादसे की सबसे दर्दनाक पहचान बन गई है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है.
क्रूज के अंदर पानी भरते ही मची अफरा-तफरी
दूसरा वीडियो क्रूज पलटने से कुछ ही मिनट पहले का है. इसमें देखा जा सकता है कि यात्री मौसम का आनंद ले रहे थे. कुछ लोग ठंडी हवाओं और पानी के बीच क्रूज की सवारी को एंजॉय कर रहे थे. उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में यह सुकून भरा सफर एक बड़े हादसे में बदल जाएगा. इस वीडियो में साफ दिखता है कि मौसम उस समय सामान्य नहीं था, तेज हवाएं चल रही थीं, लेकिन लोग इसे नजरअंदाज करते रहे. वीडियो में दिख रहा है कि यात्री बिना किसी डर के सफर का आनंद ले रहे थे और किसी ने भी गंभीर खतरे को महसूस नहीं किया.
आगरा से आए एक रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने बताया कि क्रूज के अंदर नजारा बेहद खराब था. पानी के अंदर टीम को बार-बार टूटे हुए ढांचे और लोहे की छड़ों का सामना करना पड़ रहा था, जिनमें उनके रेस्क्यू ऑपरेशन के उपकरण भी फंस रहे थे. इसके अलावा उन्होंने बताया कि कई जगहों पर स्थिति इतनी तंग थी कि टीम को बेहद संकरी जगहों से होकर सर्च ऑपरेशन करना पड़ा.
इसी दौरान एक डाइवर अंदर फंस गया था, जिसे बाद में बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला गया. रेस्क्यू टीम के अनुसार, पूरी नाव का ढांचा दोनों तरफ से पूरी तरह ढह चुका था और अंदर लगी जाली जैसी संरचनाओं के कारण रास्ते बेहद खतरनाक और संकरे हो गए थे. जिसके कारण बचाव कार्य और अधिक जोखिम भरा हो गया था.
टूटे ढांचे और लोहे की छड़ों में फंसा रेस्क्यू ऑपरेशन
इसके बावजूद पैरामिलिट्री टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी अब तक पांच शव बरामद किए हैं, जिनमें महिला ने आखिरी समय तक अपने बच्चे को कसकर पकड़े हुई थी. अब तक इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, पैरामिलिट्री फोर्स और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी रहीं.
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कदम उठाए गए हैं. क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गई हैं. वहीं होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित कर दिया गया है. रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
बरगी क्रूज हादसे के तीन वीडियो ने खोली पूरी सच्चाई
जांच में यह भी सामने आया है कि कई यात्रियों को शुरुआत में लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी. बाद में जब स्थिति बिगड़ने लगी, तब जैकेट बांटी गईं. इसी कारण कई लोगों को बचाने में सफलता मिली. तीनों वायरल वीडियो ने इस हादसे के कई पहलुओं को सामने रखा है. पहला वीडियो लापरवाही और अफरा-तफरी दिखाता है, दूसरा वीडियो सामान्य लगते हुए खतरे को नजरअंदाज करने की कहानी बताता है, जबकि तीसरा वीडियो हादसे के बाद की भयावह सच्चाई और रेस्क्यू की कठिनाइयों को उजागर करता है. यह हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की गंभीर चूक के रूप में देखा जा रहा है.
रवीश पाल सिंह