आंखों देखी: मां की आखिरी गोद, नर्मदा की लहरों में समा गई जिंदगी, एक तस्वीर जो हमेशा सताएगी

बरगी डैम में क्रूज पलटने से कई लोग डूब गए. रेस्क्यू के दौरान मां और बच्चे का एक साथ मिला शव सबसे दर्दनाक दृश्य रहा. कई लोग अब भी लापता हैं. तेज हवाओं के बीच हादसा हुआ. घटना ने सुरक्षा इंतजामों और लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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मां और बच्चे का एक साथ मिला शव मिलने से माहौल हुआ गमगीन (Photo: ITG) मां और बच्चे का एक साथ मिला शव मिलने से माहौल हुआ गमगीन (Photo: ITG)

रवीश पाल सिंह

  • जबलपुर ,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:17 AM IST

मध्य प्रदेश के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर तब सामने आई जब एक मां और उसके छोटे बच्चे का शव एक-दूसरे से चिपका हुआ पानी से बाहर निकाला गया. यह दृश्य इतना मार्मिक था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. गुरुवार की शाम आम दिनों की तरह ही थी. लेकिन रात होते-होते यह खबर आई कि बरगी डैम में एक क्रूज पलट गया है. सूचना मिलते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि यह हादसा तेज हवाओं और उग्र लहरों के चलते हुआ. कुछ ही मिनटों में पूरा क्रूज पलट गया और उसमें सवार लोग पानी में डूब गए.

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रात करीब 2 बजे घटनास्थल पर पहुंचने पर वहां का माहौल पूरी तरह बदला हुआ था. जो जगह आमतौर पर शांत रहती है, वहां उस रात सैकड़ों गाड़ियां, पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीमें मौजूद थीं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर डटी थीं. चारों तरफ फ्लड लाइट्स लगी थीं, लेकिन माहौल में एक अजीब सा सन्नाटा था. रात के अंधेरे और पानी की गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया था, लेकिन सुबह के लिए तैयारी जारी थी. आधा डूबा हुआ क्रूज पानी में दिखाई दे रहा था. कुछ घंटे पहले तक जहां लोग घूमने और मस्ती करने आए थे, वहां अब सन्नाटा और डर का माहौल था.

सुबह होते ही सेना के गोताखोरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. सबसे पहले एक शव बाहर निकाला गया। कुछ देर बाद एक महिला का शव मिला. धीरे-धीरे हादसे की भयावहता सामने आने लगी. इसी दौरान दिल्ली से आए एक शख्स प्रदीप अपनी बेटी के साथ वहां पहुंचे. वह अपने परिवार के साथ जबलपुर एक रिश्तेदार के गृह प्रवेश में आए थे और घूमने के लिए बरगी डैम गए थे. उन्होंने बताया कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. लोग क्रूज में मस्ती कर रहे थे. लेकिन अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और पानी की लहरें उग्र हो गईं. कुछ ही मिनटों में हालात बदल गए. प्रदीप ने बताया कि उन्होंने लाइफ जैकेट बांटना शुरू ही किया था कि तभी क्रूज एक तरफ झुक गया और तीन मिनट के अंदर पलट गया.

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मां और बच्चे का एक साथ मिला शव, माहौल हुआ गमगीन

हादसे के बाद उनकी पत्नी और चार साल का बेटा लापता हो गए. वह अपनी बेटी के साथ बच गए, लेकिन अपने परिवार के बाकी सदस्यों की तलाश में वह मौके पर पहुंचे थे. रेस्क्यू के दौरान जब एक महिला का शव निकाला गया तो प्रदीप उसे देखकर रो पड़े, लेकिन वह उनकी पत्नी नहीं थी. कुछ देर बाद जब एक और शव बाहर लाया गया, तो माहौल पूरी तरह बदल गया. जैसे ही शव को सीधा किया गया, वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए. वह एक महिला का शव था, जिसके सीने से एक छोटा बच्चा चिपका हुआ था. यह प्रदीप की पत्नी और उनका बेटा था. यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि हर कोई भावुक हो गया. प्रदीप और उनकी बेटी जोर-जोर से रोने लगे. वहां मौजूद पुलिसकर्मी, डॉक्टर, अधिकारी और पत्रकार सभी की आंखों में आंसू थे. ऐसा लग रहा था कि मां ने आखिरी समय तक अपने बच्चे को बचाने की कोशिश की और अंत में उसे सीने से लगाकर ही दम तोड़ दिया.

मां-बेटे की आखिरी तस्वीर बनी सबसे दर्दनाक पल

मौके पर मौजूद मंत्री राकेश सिंह भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए. उन्होंने खुद को भीड़ से अलग कर लिया, लेकिन उनकी आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे. रेस्क्यू ऑपरेशन दोपहर तक जारी रहा. करीब 2 बजे क्रूज को पूरी तरह पानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसमें कोई और शव नहीं मिला. इसके बावजूद छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है. इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई थी. 

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सुरक्षा व्यवस्था और लाइफ जैकेट को लेकर उठे सवाल

अगर दी गई थी तो क्या उन्हें समय पर पहनाया गया था. साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि मौसम खराब होने के बावजूद क्रूज को चलने की अनुमति क्यों दी गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. कई लोग घबराकर नीचे के केबिन में चले गए और वहीं फंस गए. जब क्रूज पलटा, तो वे बाहर नहीं निकल सके. यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि कई स्तरों पर हुई लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है. करीब 14 घंटे तक चली इस ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद जब टीम वापस लौटी, तो यह दृश्य हर किसी के मन में गहरे तक बस चुका था. मां और बच्चे की वह तस्वीर, जो जिंदगी भर शायद ही कोई भूल सके.

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