ये कहानी है कानपुर में रहने वाले एक चचा की जिनकी दौलत पर उनके लालची रिश्तेदारों की नज़र थी. लेकिन चचा के इंतकाल के बाद जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो रिश्तेदारों के होश उड़ गए. क्या लिखा था चचा ने अपनी वसीयत में, कौन थी हुमैरा जिसके दो आंसू उनकी असली दौलत बन गई. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'कानपुर वाले चचा की वसीयत' स्टोरीबॉक्स में.
इस बार जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ देखिए एक कॉमेडी कहानी. सिर्फ़ YouTube पर -
अगले एपिसोड में लौटूंगा नई कहानी, नए क़िस्से के साथ... मेरा नाम है जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.
जमशेद क़मर सिद्दीक़ी