एक महिला को लंबे समय से भूख नहीं लग रही थी. जब वह हॉस्पिटल पहुंची और जांच कराई तो डॉक्टर भी हैरान रह गए. दरअसल, फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में 30 साल की महिला पिछले कई महीनों से भयंकर पेट दर्द, उल्टी और भूख न लगने की समस्या से जूझ रही थी. महिला थोड़ा सा भी खाना खाती थी तो उसका पेट भारी हो जाता था और उसे कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती थी. जब डॉक्टरों ने महिला की जांच की तो उसके पेट के अंदर से बालों का एक बहुत बड़ा गुच्छा (Trichobezoar) निकला जिसने उसके पेट के एक बड़े हिस्से को पूरी तरह घेर रखा था और इस कारण महिला को भूख नहीं लगती थी.
पेट में कैसे पहुंचे बाल?
डॉक्टरों के मुताबिक, यह कोई साधारण बीमारी नहीं बल्कि एक गंभीर मानसिक डिसऑर्डर का नतीजा है. दरअसल, यह महिला ट्राइकोटिलोमेनिया (Trichotillomania) नाम की बीमारी से पीड़ित थी जिसमें मरीज को अपने ही बाल नोचने की इच्छा होती है.
इसके साथ ही महिला को ट्राइकोफेगिया (Trichophagia) की भी लत थी जिसके कारण वह अपने ही टूटे हुए बाल खा जाती थी. इंसानी शरीर बालों को पचा नहीं पाता जिसके चलते सालों से खाए गए बाल उसके पेट में जमा होते गए और पेट में एक बड़ा गुच्छा जम गया.
क्या है रेपुन्जेल सिंड्रोम और यह कितना खतरनाक है?
डॉक्टर्स का मानना है, इस तरह के मामलों को मेडिकल साइंस में रेपुन्जेल सिंड्रोम कहा जाता है. इस सिंड्रोम के अंदर बालों का बड़ा हिस्सा तो रहता ही है, साथ ही उसकी एक पूंछ जैसी लंबी लाइन छोटी आंत या कोलन तक फैल जाती है.
डॉक्टर्स का कहना है कि यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह आंतों में ब्लॉकेज, गंभीर कुपोषण, पेट में छेद और शरीर में जानलेवा इंफेक्शन फैला सकता है जो मरीज के लिए जान का खतरा भी बन सकता है.
डॉक्टरों की टीम ने ऐसे बचाई जान
हॉस्पिटल के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर डॉ. पुनीत धर, डॉ. सलीम नाइक और डॉ. जया अग्रवाल के गाइडेंस में टीम ने मरीज की बिगड़ती हालत देखते हुए उसकी काउंसिलिंग की और फिर सर्जरी के जरिए उसके पेट से उस विशाल बालों के गुच्छे को बाहर निकाल लिया.
डॉक्टरों ने बताया कि अब महिला की हालत ठीक है लेकिन इस बीमारी को दोबारा होने से रोकने के लिए उसे लंबे समय तक साइकियाट्रिक फॉलो-अप और बिहेवियरल थेरेपी की जरूरत होगी.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क