Snakebite risk increasing: जंगल छोड़ शहरों में घुस रहे जहरीले सांप! करोड़ों लोग खतरे में, ये है कारण

क्लाइमेट चेंज और जंगलों के खत्म होने से सांप अपनी जगह बदलने को मजबूर हैं. WHO की नई स्टडी के मुताबिक, सांप अब उन इलाकों में पहुंच रहे हैं जहां पहले कभी नहीं दिखे, जिससे दुनिया भर में स्नेकबाइट का खतरा तेजी से बढ़ रहा है.

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अब आपके घर के पिछले दरवाजे तक पहुंच सकते हैं जहरीले सांप. (Photo: AI Generated) अब आपके घर के पिछले दरवाजे तक पहुंच सकते हैं जहरीले सांप. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

Snakebite Risk Increasing: दुनिया भर में बढ़ता तापमान और तेजी से खत्म होते जंगल इंसानों के लिए एक नया खतरा लेकर आए हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एक नई स्टडी के मुताबिक, बदलते मौसम और इंसानी दबाव के कारण जहरीले सांप अपने रहने की जगह बदलने को मजबूर हो रहे हैं. इस वजह से इंसानों और सांपों का आमना-सामना बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे स्नेकबाइट यानी सांप के काटने का रिस्क तेजी से बढ़ रहा है. अफ्रीका के थूकने वाले कोबरा से लेकर एशिया के करैत और यूरोप-साउथ अमेरिका के वाइपर जैसे खतरनाक सांप अब नए ठिकानों की तलाश में इंसानी बस्तियों का रुख कर रहे हैं. आने वाले समय में यह संकट और भी गहरा होने की आशंका है. ये खतरा भारत के कुछ इलाकों में भी बढ़ रहा है.

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नए इलाके ढूंढ रहे सांप

PLOS नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज में पब्लिश्ड स्टडी के अनुसार, बढ़ती गर्मी से बचने के लिए सांप उन इलाकों की तरफ माइग्रेट कर रहे हैं, जहां पहले कभी उनकी मौजूदगी नहीं थी. वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि ज्यादातर सांपों की प्रजातियों के रहने की जगह कम हो रही है, लेकिन कुछ सबसे ज्यादा जहरीले सांप बहुत तेजी से नए इलाकों में फैल रहे हैं.

WHO और मेलबर्न यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट डेविड विलियम्स का कहना है कि आने वाले समय में सांपों और इंसानों के बीच ओवरलैप बहुत बढ़ जाएगा. हालात ऐसे हो सकते हैं कि आप अपने घर के पिछले दरवाजे से बाहर निकलें, पैर फिसले और वहां कोई जहरीला सांप आपको काट ले.

साउथ एशिया में सबसे बुरा हाल

दुनिया भर में हर साल सांप काटने के करीब 40 लाख मामले सामने आते हैं. इनमें से ज्यादातर मामले खतरनाक नहीं होते, लेकिन फिर भी हर साल लगभग 1 लाख 38 हजार लोगों की मौत हो जाती है और 4 लाख से ज्यादा लोग हमेशा के लिए अपंग हो जाते हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इन मौतों और अपंगता के लगभग आधे मामले अकेले साउथ एशिया में होते हैं.

भारत में हर साल करीब 60 हजार लोग सांप के काटने से अपनी जान गंवाते हैं. स्टडी के मुताबिक, भारत के सबसे खतरनाक सांप कोबरा, रसेल वाइपर और करैत, अब देश के दक्षिणी हिस्सों से उत्तर भारत की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं, जहां आबादी बहुत ज्यादा है.

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सांपों का यह माइग्रेशन उत्तर भारत जैसे बेहद घनी आबादी वाले इलाकों की तरफ हो रहा है, जहां करोड़ों लोग खेती-बाड़ी के लिए सीधे तौर पर खेतों और जमीनों से जुड़े हैं. जब जहरीले सांप इन नए और बड़े रीजंस में फैलेंगे, तो वहां रहने वाली करोड़ों की आबादी सीधे तौर पर इस जानलेवा खतरे के दायरे में आ जाएगी.

इन इलाकों में बढ़ेगा मौत का आंकड़ा

यह स्टडी 'पीएलओएस नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज' जर्नल में पब्लिश हुई है, जिसमें दुनिया भर की 508 खतरनाक सांपों की प्रजातियों का मैप तैयार किया गया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांपों के इस तरह जगह बदलने से सबसे ज्यादा खतरा गरीब और ग्रामीण इलाकों के लोगों को है, जो खेतों में नंगे पैर काम करते हैं और जहां हेल्थ सुविधाएं बहुत खराब हैं.

इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया जैसे अमीर देशों में जहरीले सांप होने के बावजूद मौतें कम होती हैं क्योंकि वहां लोग जूते पहनते हैं, ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हैं और अस्पतालों में एंटी-वेनम आसानी से मिल जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस स्टडी से हेल्थ अथॉरिटीज को समय रहते एंटी-वेनम का स्टॉक करने और तैयारियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

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