बालकनी से कबूतर भगाने के लिए विदेश में लोग अपनाते हैं ये जुगाड़! आपकी बालकनी के लिए भी है कारगर

कबूतर भले ही शांति के प्रतीक हों लेकिन घर में कुछ समझदार तरीकों से इन्हें दूर रखते हैं. ये सभी तरीके सुरक्षित और असरदार हैं. आप भी इन्हें आजमा सकते हैं.

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कबूतर भगाने के लिए विदेश में कुछ आसान तरीके अपनाते हैं. (Photo: AI Generated) कबूतर भगाने के लिए विदेश में कुछ आसान तरीके अपनाते हैं. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:36 PM IST

कबूतर देखने में भले ही शांत और मासूम लगें, लेकिन जब ये आपकी बालकनी या खिड़की पर डेरा जमा लें तो परेशानी शुरू हो जाती है. गंदगी, बीमारी और शोर, यही तीन चीजें इन्हें घर का दुश्मान बना देती हैं. विदेशों में, खासकर UK, US और यूरोप में लोग इस समस्या से बखूबी वाकिफ हैं और इसके लिए कई समझदारी भरे तरीके अपनाते हैं. खास बात यह है कि ये सभी तरीके पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं यानी कबूतर को नुकसान नहीं पहुंचाते, बस उन्हें बालकनी या घर से दूर रखते हैं.

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नुकीली पट्टियां लगाते हैं

अमेरिका की कंपनी स्मिथ पेस्ट मैनेजमेंट के मुताबिक, विदेशों में बालकनी की रेलिंग, खिड़की की चौखट और छत के किनारों पर नुकीली पट्टियां यानी बर्ड स्पाइक्स लगाना सबसे आम तरीका है. ये धातु या प्लास्टिक के नुकीले टुकड़े होते हैं जो सतह पर लगाए जाते हैं. दिखने में ये थोड़े डरावने लगते हैं लेकिन असल में ये नरम और लचीले होते हैं. कबूतर इन पर बैठ नहीं पाते. ये ऑनलाइन और हार्डवेयर की दुकानों पर आसानी से मिलते हैं और खुद भी लगाए जा सकते हैं.

जाली लगाना

जिन लोगों की बालकनी बड़ी है या जहां कबूतर ज्यादा आते हैं, वहां नायलॉन की जाली लगाई जाती है. यह पूरे हिस्से को ढक देती है और कबूतर अंदर नहीं आ पाते. UK और ऑस्ट्रेलिया में यह तरीका बहुत फेमस है. एक बार सही से लग जाए तो सालों तक काम करती है और दिखती भी ज्यादा नहीं.

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चिपचिपा जेल और बिजली की पट्टी

कुछ लोग छज्जों और मुंडेरों पर एक पारदर्शी, गैर-जहरीला जेल लगाते हैं जो सतह को चिपचिपा बना देता है. कबूतर एक बार बैठने के बाद वापस नहीं आते. इससे एक कदम आगे हैं बिजली की पट्टियां जो कबूतर के उतरते ही हल्का सा झटका देती हैं. इससे कोई चोट नहीं लगती लेकिन कबूतर उस जगह को खतरनाक मान लेता है.

अल्ट्रासोनिक मशीन

विदेशी लोग अल्ट्रासोनिक साउंड मशीनें लगाते हैं जो जंगली या शिकारी पक्षियों की आवाजें निकालती हैं. यह आवाज इंसानों को सुनाई नहीं देती, लेकिन कबूतरों को डरा देती है. इसके साथ ही प्लास्टिक के उल्लू या बाज जैसे नकली पक्षी भी बालकनी पर रखे जाते हैं. कबूतर इन्हें असली समझकर दूर रहते हैं. हालांकि, समय के साथ कबूतर इनकी आदत पड़ सकते हैं इसलिए इन्हें बदलते रहना जरूरी है.

सबसे पहले करें यह काम

इन सब तरीकों से पहले एक काम करना जरूरी है, खाने का कोई भी जरिया हटाएं. बालकनी पर दाना डालना या खुला खाना रखना कबूतरों को न्योता देना है. इसके अलावा जहां कबूतर बैठते हैं वहां नियमित सफाई रखें और अगर घोंसला बनना शुरू हो गया है तो उसे तुरंत हटाएं. जितनी जल्दी कदम उठाएंगे, उतनी जल्दी छुटकारा मिलेगा.

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