आजकल की खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या तेजी से बढ़ रही है. लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होना न सिर्फ पाचन क्रिया को ठप करता है, बल्कि आगे चलकर लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है. लेकिन अच्छी खबर यह है कि आप अपनी डाइट में थोड़ा सा बदलाव करके इस खतरे को 50% तक कम कर सकते हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ खास सुपरफूड्स लिवर में जमा अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने और उसे दोबारा हेल्दी बनाने में जादू की तरह असर दिखाते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 कमाल के फूड्स के बारे में, जिन्हें रोज खाने से आपको तुरंत असर दिखने लगेगा.
1. हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक और ब्रोकली)
हरी पत्तेदार सब्जियों, खासकर पालक और ब्रोकली में 'क्लोरोफिल' और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. यह लिवर से टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को बाहर निकालने और फैट के संचय को रोकने में मदद करती हैं. ब्रोकली का सेवन लिवर में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करता है.
2. ओट्स और साबुत अनाज
ओट्स में भरपूर मात्रा में बीटा-ग्लूकेन नामक फाइबर पाया जाता है. यह फाइबर न सिर्फ वजन को कंट्रोल में रखता है, बल्कि लिवर कोशिकाओं में जमा होने वाले फैट की मात्रा को भी तेजी से घटाता है. रोज सुबह नाश्ते में ओट्स खाना लिवर के लिए बेहद फायदेमंद है.
3. अखरोट और नट्स
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और अमीनो एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है. यह लिवर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने का काम करता है. रिसर्च के मुताबिक, नियमित रूप से सीमित मात्रा में अखरोट खाने से नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के लक्षणों में तेजी से सुधार होता है.
4. लहसुन
लहसुन में 'एलिसिन' और 'सेलेनियम' जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो लिवर के एंजाइम्स को एक्टिव करते हैं. यह एंजाइम्स शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. खाली पेट लहसुन की एक कली खाने से लिवर का फैट बर्न होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है.
5. ग्रीन टी
ग्रीन टी में 'कैटेचिन' (Catechin) नाम का एक खास एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है. यह एंटीऑक्सीडेंट लिवर के फंक्शन को सुधारने और वहां जमा एक्स्ट्रा फैट को कम करने के लिए जाना जाता है. दिन में 2 कप ग्रीन टी का सेवन फैटी लिवर के खतरे को काफी हद तक टाल सकता है.
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