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सुपरस्टार राम चरण के घर जुड़वां बच्चों का जन्म, जानें कैसे कोख में पलते हैं दो बच्चे और किन लोगों में होते हैं ज्यादा चांसेज

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:56 PM IST
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साउथ फिल्मों के दमदार एक्टर राम चरण और उनकी पत्नी उपासना एक बार फिर से माता-पिता बन गए हैं. दोनों के घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है. उपासना ने एक बेटे और एक बेटी का स्वागत किया है. ये खबर उनके पिता चिरंजिवी ने शेयर की. इससे पहले उनकी एक बेटी और है. इस खबर के बाद फैन्स की तरफ से बधाइयों का तांता लग गया.

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इससे पहले भी कई बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के सिलेब्स के भी जुड़वां बच्चे हो चुके हैं. करण जौहर भी सरोगेसी के जरिए एक बेटे और एक बेटी के पिता बने हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि जुड़वां बच्चे किस स्थिति में पैदा होते हैं और इसके पीछे वैज्ञानिक कारण क्या है. पहले आपको बता दें कि जुड़वां बच्चे दो तरह के होते हैं, एक आइडेंटिकल और दूसरे फ्रैटरनल. 

आइडेंटिकल ट्विन्स (Identical Twins)
इन्हें एक-समान जुड़वां भी कहा जाता है. यह तब होता है जब एक ही अंडा एक ही स्पर्म से फर्टिलाइज होता है लेकिन बाद में वो अंडा दो हिस्सों में बंट जाता है. इन बच्चों का DNA बिल्कुल एक जैसा होता है. ये दिखने में एक जैसे होते हैं और इनका जेंडर भी आमतौर पर एक ही होता है यानी या तो दोनों लड़के होंगे या दोनों लड़कियां.

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फ्रैटरनल ट्विन्स (Fraternal Twins)
ये जुड़वां बच्चे एक समान नहीं होते हैं. ये तब होते हैं जब महिला की ओवरी से एक के बजाय दो अंडे निकलते हैं और दोनों अलग-अलग स्पर्म से फर्टिलाइज होते हैं. इनका DNA अलग-अलग होता है, ठीक वैसे ही जैसे अलग-अलग समय पर पैदा हुए भाई-बहनों का होता है. ये दिखने में अलग हो सकते हैं और इनका जेंडर भी अलग-अलग हो सकता है जैसे एक लड़का और एक लड़की.
 

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कई लोगों के मन में यह सवाल रहता होगा कि जुड़वां बच्चे होने की संभावना कब बढ़ जाती है. तो यहां हम आपको बता रहे हैं कि कुछ फैक्टर्स हैं जो जुड़वां बच्चों की संभावना को बढ़ा सकते हैं.


 

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इनमें पहला कारण है आनुवंशिकता यानी जेनेटिक्स. अगर मां के परिवार में पहले से जुड़वां बच्चे पैदा होने का इतिहास है तो इसकी संभावना बढ़ जाती है.

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30-35 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन (FSH) का स्तर बढ़ जाता है जिससे एक साथ दो अंडे रिलीज होने की संभावना रहती है.
 

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इसके अलावा कुछ और कारण भी हैं जैसे कि आजकल गर्भधारण के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रजनन तकनीकों (जैसे IVF) में अक्सर एक से अधिक भ्रूण गर्भाशय में रखे जाते हैं जिससे जुड़वां बच्चे होने के चांस ज्यादा होते हैं. कुछ शोधों के अनुसार, लंबी और अधिक BMI वाली महिलाओं में जुड़वां बच्चों की संभावना थोड़ी अधिक देखी गई है.

 

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वहीं, आपने यह भी सुना होगा कि किसी महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया जिन्हें ट्रिपलेट्स (Triplets) कहते हैं. बॉलीवुड कोरियोग्राफर फराह खान ने भी तीन बच्चों को जन्म दिया था. हालांकि एक साथ तीन बच्चों का पैदा होना जुड़वां बच्चों के मुकाबले थोड़ा दुर्लभ होता है. इसके पीछे की प्रक्रिया काफी हद तक जुड़वां बच्चों जैसी ही है लेकिन इसमें विभाजन या अंडों की संख्या बढ़ जाती है. ये तीन अलग-अलग अंडे तीन अलग-अलग शुक्राणुओं से फर्टिलाइज होते हैं या फिर एक अंडा विभाजित होकर तीन भ्रूण बनाता है.

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