उत्तम नगर के आटे वाले गोलगप्पे का सीक्रेट, 40 साल पुराने चाट भंडार वाली आंटी ने बताया

बाजार जैसे करारे गोलगप्पे घर पर बनाना मुश्किल लगता है लेकिन उत्तम नगर में पिछले करीब 40 साल से चाट भंडार की दुकान लगाने वाली एक आंटी ने खास रेसिपी बताई है जिससे आटे और सूजी के सही तालमेल से करारे गोलगप्पे बना सकते हैं.

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आटे से भी काफी टेस्टी गोलगप्पे बनाए जा सकते हैं. (Photo: ITG) आटे से भी काफी टेस्टी गोलगप्पे बनाए जा सकते हैं. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

Atta golgappa recipe: स्ट्रीट फूड की बात हो और गोलगप्पों का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. मार्केट में वैसे तो अधिकतर गोलगप्पे मैदा के मिलते हैं लेकिन जब लोग घर पर आटे के गोलगप्पे बनाते हैं तो उनकी शिकायत रहती है कि घर पर बने गोलगप्पे फूलते नहीं हैं या तो नर्म ही रहते हैं. दिल्ली के उत्तम नगर में एक पानीपुरी की दुकान लगती है जो पिछले 40 सालों से लोगों को आटे के गोलगप्पे खिला रहे हैं. वहां की आंटी ने आटे के गोलगप्पे बनाने का आसान तरीका बताया है जिससे सीखकर आप भी घर पर क्रिस्पी गोलगप्पे बना सकते हैं.

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सही माप और गूंथने का खास तरीका

(Photo Credit: YouTube)

गोलगप्पे बनाने की शुरुआत आटे और सूजी के सही अनुपात से होती है. आंटी के मुताबिक, अगर आप 1 किलो गेहूं का आटा ले रहे हैं तो उसमें एक पाव (250 ग्राम) सूजी मिलाना जरूरी है. यानी आटे का एक चौथाई हिस्सा सूजी का होना चाहिए. आटा गूंथते समय पानी धीरे-धीरे डालें. ध्यान रहे कि आटा न तो बहुत सख्त हो और न ही बहुत नरम. इसे मध्यम रखना है, जैसा हम रोटियों के लिए रखते हैं, उससे बस थोड़ा सा ज्यादा सख्त.

आटे को गूंथकर रखना भी जरूरी

आटा गूंथने के तुरंत बाद गोलगप्पे बेलना सबसे बड़ी गलती है. आंटी बताती हैं कि गूंथने के बाद आटे को एक प्लास्टिक की पॉलीथीन में बांधकर कम से कम आधे घंटे के लिए छोड़ दें. पॉलीथीन में रखने का लॉजिक यह है कि इससे आटे की ऊपरी परत सूखती नहीं है और नमी बनी रहती है.

आधे घंटे बाद जब आप आटा पॉलीथीन से निकालेंगे तो वह पहले से काफी नरम और लचीला हो चुका होगा. इसके बाद इसे 2-3 मिनट और गूंथें ताकि यह पूरी तरह सेट हो जाए.

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बेलने की तकनीक और कट्टे का इस्तेमाल

(Photo Credit: YouTube)

गोलगप्पों की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ने के बाद उन पर थोड़ा सा रिफाइंड तेल लगाएं ताकि वे आपस में न चिपकें. बेलते समय साइज का ध्यान रखें. न ज्यादा बड़ा, न छोटा. सबसे जरूरी बात यह है कि बेले हुए गोलगप्पों को किसी बर्तन या कागज पर रखने के बजाय प्लास्टिक के कट्टे (बोरी) पर रखें.

बेलने के बाद इन्हें आधे घंटे के लिए दूसरे कट्टे से ढंककर छोड़ दें. आंटी की मानें तो पंखा या कूलर बिल्कुल न चलाएं क्योंकि हवा लगने से गोलगप्पे खराब हो सकते हैं.

तलने का साइंस

गोलगप्पे तलते समय तेल कड़ाही के कुल साइज का एक चौथाई ही होना चाहिए. आंच बिल्कुल तेज रखें और तेल से धुआं निकलना चाहिए. तलते समय एक खास ट्रिक अपनाएं. बेलने के बाद जो साइड नीचे थी, कड़ाही में डालते समय भी वही साइड नीचे जानी चाहिए.

अगर आप इसे पलटकर डालेंगे तो गोलगप्पे एक तरफ से फूलेंगे और दूसरी तरफ से पापड़ी बन जाएगी. करीब 30 सेकंड में गोलगप्पे फूलकर तैयार हो जाएंगे. इन्हें तुरंत न खाएं, बल्कि एक दिन के लिए खुला छोड़ दें. अगले दिन ये पूरी तरह खस्ता और करारे हो जाएंगे.

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