एशि‍या में पहली बार : एम्स ने शुरू की वर्चुअल ऑटोप्सी

एम्स दिल्ली ने पहली बार मुर्दाघर में वर्चुअल ऑटोप्सी शुरू की है. अब हर बार पोस्टमोर्टम के लिए शव की सर्जरी करने की जरूरत नहीं होगी. जानिये कितना आसान हो जाएगा अब शवों का पोस्टमोर्टम...

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मेधा चावला

  • नई दिल्ली,
  • 28 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:10 PM IST

दिल्ली के मुर्दाघर में एम्स ने एक डिजिटल रेडियोलॉजिकल मशीन लगाई है. इसमें हाईटेक डिजिटल एक्सरे की सहायता से वर्चुअल ऑटोप्सी की जा सकती है.

एम्स ने इस डिजिटल एक्सरे से शवों का पोस्टमोर्टम शुरू भी कर दिया है. एम्स ने अब तक इस अतिआधुनिक डिजिटल एक्सरे से 15 शवों का पोस्टमोर्टम किया है.

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इसके साथ ही एम्स एशि‍या का पहला संस्थान बन गया है, जहां इस तरह का प्रयोग किया गया है.

यह मशीन शव को स्कैन कर मौत की वजहों का पता लगा सकती है. मसलन, शरीर में गोली लगने से मौत हुई है या फ्रैक्चर से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है. छोटी-छोटी चोट और खून के थक्कों को इस मशीन के जरिये स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है, जिसे आमतौर पर आंखों से देखना संभव नहीं हो पाता.

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एम्स के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि शव का सिर्फ कंकाल मिलने की स्थि‍ति में या सड़े हुए शव मिलने पर भी इसके जरिये काफी कुछ पता लगाया जा सकता है. इसमें परंपरागत पोस्टमोर्टम के मुकाबले काफी कम वक्त लगता है.

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