Is sweet potato better fried or boiled: शकरकंद को सर्दियों में लोग खासतौर पर खाते हैं, यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है. शकरकंद हेल्दी होने के साथ-साथ बहुत टेस्टी भी होता है. शकरकंद को ज्यादातर लोग दो तरीके से खाते हैं, एक इसे भूनकर और दूसरा उबालकर, मगर इन दोनों में से कौन-सा तरीका सही है, यह बात बहुत कम ही लोग जानते हैं. शकरकंद को अगली बार जब भी आप घर लाए तो उसे बनाने में भूलकर गलती न करें, क्योंकि अगर आप इसे गलत तरीके से खाते हैं तो इसके पोषण तत्व आपके शरीर को नहीं मिलते हैं और इसे खाना पूरी तरह बेकार हो जाता है.
शकरकंद में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं और इसे सुपरफूड कहा जाता है. शकरकंद खाने से शरीर को अंदरूनी मजबूती मिलती है. वैसे तो शकरकंद की कई प्रजातियां खाई जाती हैं, लेकिन स्टडी के मुताबिक, नारंगी और बैंगनी रंग की शकरकंद में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा कई गुना ज्यादा होती है, जो आपकी कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है.
शककंद खाने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है, सर्दियों में इसे खाने से शरीर बीमारियों से दूर रहता है. जब शरीर का इम्यून सिस्टम ठीक से काम करता है, तो शरीर जल्दी बीमारियों की चपेट में नहीं आता है.
शकरकंद में मौजूद डाइटरी फाइबर इसे डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए अच्छा बनाता है और इसे खाने से यह हमारी आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरियां को बढ़ावा देता है और प्रीबायोटिक की तरह काम करता है. इसके साथ ही पेट से जुड़ी बीमारियों में भी इसे खाने से आराम मिलता है.
दिल की सेहत के लिए भी शकरकंद हेल्दी होता है, क्योंकि इसमें पोटेशियम होता है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है. फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन को कम करते हैं.
शकरकंद में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है, इसलिए लो-कॉर्ब डाइट वाले लोगों को इसे कम मात्रा में खाना चाहिए.
न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने इंस्टाग्राम एक वीडियो शेयर कर शकरकंद को खाने का सही तरीका बताया था, उनके मुताबिक, शकरकंद को भूनने की बजाय उबालकर खाना चाहिए. क्योंकि जब शकरकंद को उबाला जाता है तो इसमें मौजूद शुगर पानी में ही रिलीज हो जाता है. इसके साथ ही ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) भी बहुत कम हो जाता है. इसलिए इसे खाने ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है और हार्ट हेल्थ के लिए भी इसे खाना बेहतर होता है.
शकरकंद को उबालने के बाद हमेशा इसे पहले ठंडा करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से इसमें रेजिस्टेंट स्टार्च बनता है जो एक तरह का फाइबर जैसा होता है. ठंडा शकरकंद खाने से ये आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है और कब्ज में भी आराम दिलाता है.
वैसे तो शकरकंद को उबालकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन शकरकंद को एयरफ्रायर में भूनकर खाना पूरी तरह से गलत नहीं माना जाता है. बस आपको इसे भूनने के लिए थोड़ा तेल इस्तेमाल करना है और इसे अधिक समय तक नहीं भूनना है.
उबालकर खाएं
अगर आप संभावित ब्लड शुगर के लेवल में अचानक बढ़ोतरी को कम करना चाहते हैं, खासकर यदि आपको प्रीडायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज है तो उन्हें उबालना मददगार हो सकता है. शकरकंद को उबालने से उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो सकता है.
शकरकंद को भून लें
नॉर्थ कैरोलिना स्वीटपोटैटो कमीशन की डाइटीशियन सारा श्लिक्टर ने हेल्थ को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनको शकरकंद को भूनना अधिक पसंद है क्योंकि इससे वे अन्य तरीकों की तुलना में अधिक कैरेमल हो जाते हैं, जिससे उनकी प्राकृतिक मिठास उभर कर आती है. लगभग 400°F या उससे ज्यादा तापमान पर पकाने से केमिकल रिएक्शन होते हैं जो शकरकंद के कुछ स्टार्च को शुगर में बदल देती हैं. जैतून और एवाकाडो के तेल में भूनने से इसके साथ ही मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी मिलता है, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं.
छिलके के साथ खाएं शकरकंद
शकरकंद को आप छिलके के साथ भी खा सकते हैं, जो हेल्दी भी होता है, सीमा शाह ने बताया था कि अतिरिक्त फाइबर और पोषक तत्वों के लिए इसे छिलके सहित रखने की सलाह दी जाती है. 100 ग्राम शकरकंद में छिलके सहित 3.3 ग्राम फाइबर होता है, जबकि बिना छिलके के फाइबर 2.5 होता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क