'हेट स्पीच' पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से किया जवाब तलब

हेट स्पीच को लेकर एक याचिका में नफरत फैलाने वाले भाषण और अफवाह फैलाने वाले बयान पोस्ट या कोशिश को अपराध बताने और इसके लिए सजा तय करने पर कानून बनाए जाने की गुहार लगाई गई है.

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हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 4:52 PM IST
  • तीन हफ्ते के भीतर देना है जवाब
  • याचिका में सख्त कानून बनाने की मांग

सामाजिक परिवेश में नफरत फैलाने वाले या वैमनस्य बढ़ाने वाले भाषणों, बयानों या सोशल पोस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अब सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है. उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई करते हुए केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है.

3 हफ्ते में देना होगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में केन्द्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है. अदालत ने दोनों से तीन हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा है. हेट स्पीच से जुड़ी याचिकाओं पर अब अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी. बीते कुछ समय में देश के भीतर हेट स्पीच से जुड़े कई मामले सामने आए हैं. सोशल मीडिया के बढ़ते प्रचलन से इनका असर भी व्यापक हुआ है. ऐसे में सरकार ने जहां सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कई नए नियम बनाए हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट भी इसे लेकर सख्त रवैया अपना रहा है. सुप्रीम कोर्ट की चिंता नफरत फैलाने और सामाजिक वैमनस्य बढ़ाने वाले भाषण, बयान या सोशल पोस्ट इत्यादि के फैलाव को लेकर है.

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कानून बनाने की मांग
हेट स्पीच को लेकर दायर अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ए. एम. खानविलकर, जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने सुनवाई की. इसके बाद केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया है. इस याचिका में नफरत फैलाने वाले भाषण और अफवाह फैलाने वाले बयान पोस्ट या कोशिश को अपराध बताने और इसके लिए सजा तय करने पर कानून बनाए जाने की गुहार लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इसी विषय से संबंधित कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की.

चुनाव आयोग को भी बनाया गया पक्षकार 
याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने इस याचिका में निर्वाचन आयोग को भी पक्षकार बनाए जाने की गुहार लगाई है. उनका मानना है कि चुनाव के दौरान हेट स्पीच और राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक मामलों को लेकर अफवाह फैलाने की घटनाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं. लिहाजा आयोग को भी इस मामले में कड़े कदम उठाने होंगे. अब केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग इसे लेकर अपने जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेंगी. अगली सुनवाई के दौरान हेट स्पीच को लेकर सरकार और चुनाव आयोग का रुख सामने आएगा. उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में आगे की कार्रवाई होगी.

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कुछ समय पहले भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक विवादित बयान दिया था. इसके चलते देशभर में माहौल अभी भी गरमाया हुआ है. वहीं हाल में तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा के बयान के बाद काफी विवाद पैदा हो गया था.

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