कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी खींचतान जारी है. इस बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने बड़ा दावा किया है. हुसैन ने बताया है कि डीके शिवकुमार को 26 फरवरी को दिल्ली बुलाया गया है और ये बुलावा 'सत्ता परिवर्तन' से जुड़ा हो सकता है.
रामनगर से विधायक इकबाल हुसैन ने कहा, 'मैंने सुना है कि उन्हें (डीके शिवकुमार) 26 तारीख को दिल्ली बुलाया गया है. मुझे उम्मीद है कि उन्हें वहां से कोई अच्छी खबर मिलेगी. ये बुलावा मुख्यमंत्री बदलाव के मुद्दे पर ही है.'
हुसैन के इस बयान ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि क्या कांग्रेस आलाकमान अब '50-50' फॉर्मूले या ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री वाले समझौते को लागू करने पर विचार कर रहा है.
हाल ही में पार्टी आलाकमान से मिले थे शिवकुमार
बता दें कि डीके शिवकुमार ने 12 फरवरी को भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी. वो दिल्ली में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से भी मिले थे. इसके साथ ही शिवकुमार और राहुल गांधी के बीच बैठक भी हुई थी.
कांग्रेस आलाकमान के साथ इस बैठक में हुई बातचीत का खुलासा नहीं हो पाया. लेकिन ऐसी अटकलें थीं कि बैठक में कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी और सत्ता के बंटवारे को लेकर अहम चर्चा हुई.
क्या है पूरा मामला?
कर्नाटक में मई 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भारी जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कड़ा मुकाबला था. सूत्रों का दावा है कि उस दौरान एक समझौता हुआ था, जिसके तहत सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच 'ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री' की बात हुई थी.
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हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके समर्थक लगातार यह कहते रहे हैं कि वह पूरे पांच साल तक पद पर बने रहेंगे. जबकि शिवकुमार के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं.
सगाय राज