पड़ोसी घर के सामने CCTV लगा दे तो शिकायत कर सकते हैं? वकील ने बताया कानून

पटियाला कोर्ट के वकील बताते हैं कि आप अपनी सुरक्षा के लिए घर के बाहर कैमरा लगा सकते हैं, लेकिन किसी की पर्सनल लाइफ पर नजर रखना गैरकानूनी है. अगर पड़ोसी का CCTV कैमरा आपके घर, खिड़की, बालकनी या अन्य निजी स्थानों की रिकॉर्डिंग कर रहा है, तो इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन माना जा सकता है.

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जरूरत पड़ने पर पुलिस, RWA या कानूनी अधिकारियों से शिकायत भी कर सकते हैं. ( Photo: ITG) जरूरत पड़ने पर पुलिस, RWA या कानूनी अधिकारियों से शिकायत भी कर सकते हैं. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:37 AM IST

आजकल घर के बाहर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना आम बात हो गई है. कई लोग अपने घर, दुकान और ऑफिस की सुरक्षा के लिए CCTV लगाते हैं ताकि चोरी या किसी अन्य घटना पर नजर रखी जा सके. घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगाने से आप अपने  परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आपके पड़ोसी ने जो कैमरा अपने घर के बाहर लगाया होता है, वो आपके घर खिड़की या दरवाजे कि तरह की भी रिकॉर्डिंग करने लगता है. ऐसे में हर कोई नहीं चाहेगा कि उनके घर के लोगों की एक्टिविटी कोई रिकॉर्ड करें. ऐसे में कई बार आपके मन में भी सवाल आता होगा कि क्या इसकी शिकायत कर सकते हैं. चलिए जानते हैं क्या कहता है कानून.

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क्या कहता है कानून?
पटियाला कोर्ट के वकील महमूद आलम बताते हैं कि भारत में सीसीटीवी कैमरों को लेकर कोई विशेष कानून नहीं हैं, लेकिन हां, यदि पड़ोसी के सीसीटीवी कैमरे का एंगल इस तरह से है कि वह आपके घर के मुख्य दरवाजे, खिड़कियों या निजी जगहों जैसे गार्डन या आंगन को कवर करता है, तो आप शिकायत कर सकते हैं. यह आपके निजता के अधिकार (Right to Privacy) का उल्लंघन माना जाता है.

वकील आगे बताते हैं कि सामान्य तौर पर कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए अपने घर या दुकान पर सीसीटीवी कैमरा लगा सकता है. यह पूरी तरह वैध है, लोग सुरक्षा कारणों से ऐसा करते हैं और इसमें कोई समस्या नहीं है. लेकिन कैमरा लगाते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है कि वह किसी दूसरे व्यक्ति के परेशानी का कारण न बन जाए. उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति अपने घर के अंदर बेडरूम, बाथरूम या ऐसी निजी जगहों पर कैमरा नहीं लगा सकता जहां दूसरे लोगों की निजता प्रभावित हो, जब तक कि संबंधित लोगों की सहमति न हो.

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कब बन सकता है शिकायत का आधार?
सबसे पहले जान लें कि समस्या तब पैदा होती है जब किसी व्यक्ति का कैमरा उसकी संपत्ति से आगे बढ़कर पड़ोसी की निजी जगहों को रिकॉर्ड करने लगता है. मान लीजिए कि आपके पड़ोसी ने ऐसे जगह पर कैमरा लगाया है जो सीधे आपके घर की खिड़की, बालकनी, मुख्य दरवाजे या आंगन की तरफ रिकॉर्डिंग कर रहा है. ऐसी स्थिति में आपकी पर्सनल लाइफ डिस्टर्ब हो सकती है. अगर कैमरा आपकी एक्टिविटी पर नजर रख रहा है या आपकी पर्सनल इन्फॉर्मेशन रिकॉर्ड कर रहा है, तो इसे प्राइवेसी का उल्लंघन माना जा सकता है.

ऐसी स्थिति में आप अपने लोकल थाने में जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, आपकी शिकायत इस आधार पर हो सकती है कि कैमरा आपकी पर्सनल लाइफ को डिस्टर्ब कर रहा है.

कब शिकायत करना मुश्किल हो सकता है?
वहीं ये बात भी जान लें कि हर सीसीटीवी कैमरा शिकायत का आधार नहीं बनता. यदि कैमरा केवल सड़क, गली, पार्किंग एरिया या सार्वजनिक रास्ते की निगरानी के लिए लगाया गया है, तो आमतौर पर इसे गलत नहीं माना जाता. जैसे किसी व्यक्ति ने अपने घर के बाहर कैमरा लगाया है ताकि वह अपनी कार, गेट या आसपास की सड़क पर नजर रख सके, तो इसके लिए आप शिकायत नहीं कर सकते. 

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अगर पड़ोसी कैमरा हटाने या घुमाने को तैयार न हो तो क्या करें?
यदि आपको लगता है कि पड़ोसी का कैमरा आपकी प्राइवेसी का उल्लंघन कर रहा है, तो सबसे पहले शांतिपूर्ण तरीके से उनसे बैठ कर आराम से बातचीत करें. कई बार लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उनके कैमरे का एंगल दूसरे के घर की तरफ जा रहा है. बातचीत से समस्या आसानी से हल हो सकती है. अगर बातचीत के बाद भी कोई बात नहीं बनती तो आप अपने इलाके की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), सोसाइटी प्रबंधन, स्थानीय निकाय या पुलिस से संपर्क कर सकते हैं. उन्हें पूरी स्थिति समझा कर मदद मांग सकते हैं. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर आप कानूनी सलाह भी ले सकते हैं. यदि मामला गंभीर हो और लगातार आपकी पर्सनल एक्टिविटी की रिकॉर्डिंग की जा रही हो, तो संबंधित कानूनी विकल्पों का सहारा लिया जा सकता है.

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