जब भी हम सोने की अंगूठी, चेन, कंगन या अन्य आभूषण खरीदते हैं, तो मन में यह भरोसा होता है कि उसमें मौजूद सोना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. लेकिन कई बार लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या ज्वैलर्स सफाई, पॉलिश या मरम्मत के दौरान किसी खास प्रक्रिया से थोड़ा-थोड़ा सोना निकाल सकते हैं? खासकर यह धारणा भी सुनने को मिलती है कि आभूषणों को बार-बार पानी में डालने या किसी तरल पदार्थ में रखने से सोना निकाला जा सकता है. आइए जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है.
क्या सिर्फ पानी में डालने से सोना निकल सकता है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि सोना एक अत्यंत स्थिर मेटल है. यह सामान्य पानी, नमी या हवा के संपर्क में आने पर आसानी से प्रतिक्रिया नहीं करता. यही वजह है कि सोने पर जंग नहीं लगती और यह वर्षों तक अपनी चमक बनाए रखता है. यदि कोई अंगूठी या चेन को केवल पानी में डुबोता है, तो उससे सोने का कोई हिस्सा अलग नहीं होता. सामान्य पानी में ऐसी कोई रासायनिक क्षमता नहीं होती जो सोने को घोल सके या उससे धातु अलग कर सके. इसलिए यह कहना गलत होगा कि सिर्फ बार-बार पानी में डालकर सोना निकाला जा सकता है.
फिर लोगों को ऐसा शक क्यों होता है?
अक्सर लोग अपने पुराने गहने सफाई या पॉलिश के लिए ज्वैलर के पास छोड़ते हैं. जब आभूषण वापस मिलता है तो उसका वजन पहले से थोड़ा कम महसूस हो सकता है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. पुराने गहनों पर धूल, तेल, साबुन की परत, पसीने के कण और अन्य गंदगी जमा हो जाती है. सफाई के दौरान ये परतें हट जाती हैं, जिससे वजन में मामूली अंतर आ सकता है. इसके अलावा पॉलिशिंग के दौरान सतह की बहुत हल्की घिसाई भी होती है, लेकिन यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है.
सोना निकालने की असली प्रक्रिया क्या होती है?
सोना निकालने या अलग करने के लिए सिर्फ पानी नहीं, बल्कि विशेष केमिकल प्रोसेस की आवश्यकता होती है. रिफाइनिंग के दौरान सोने को अन्य धातुओं से अलग करने के लिए तेज केमिकल और हाई टेंपरेचर का उपयोग किया जाता है. उदाहरण के लिए, कुछ इंडस्ट्रियल प्रोसेस में विशेष एसिड और केमिकल की मदद से सोने को घोला या अलग किया जाता है. यह काम ट्रेंड स्पेशलिस्ट द्वारा नियंत्रित वातावरण में किया जाता है. सामान्य ज्वैलरी की सफाई में ऐसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल नहीं होता.
क्या पॉलिश के दौरान सोना कम हो सकता है?
हां, तकनीकी रूप से पॉलिशिंग के दौरान बेहद छोटे मात्रा में मेटल की परत घिस सकती है. लेकिन यह मात्रा इतनी कम होती है कि सामान्य ग्राहक को इसका कोई बड़ा अंतर महसूस नहीं होता. प्रतिष्ठित ज्वैलर्स इस प्रक्रिया को बहुत सावधानी से करते हैं ताकि आभूषण की क्वालिटी बनी रहे. यदि किसी व्यक्ति को शक हो कि उसके गहने का वजन कम हुआ है, तो वह सफाई या मरम्मत से पहले और बाद में वजन की जांच करा सकता है.
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
गहनों की सफाई या मरम्मत करवाते समय कुछ सावधानियां अपनाई जा सकती हैं. सबसे पहले गहना देने से पहले उसका वजन नोट कर लें. संभव हो तो वजन की रसीद या फोटो रख लें. केवल भरोसेमंद और प्रतिष्ठित ज्वैलर्स के पास ही गहने दें. बड़े मूल्य के गहनों के लिए लिखित रसीद जरूर लें. काम पूरा होने के बाद दोबारा वजन जांच लें.
aajtak.in