'विकसित उत्तराखंड 2026' के 'बदल रहा उत्तराखंड' सत्र में धामी सरकार के मंत्रियों ने पिछले कुछ सालों की उपलब्धियों और भविष्य के विजन पर अपनी बात रखी. उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा, पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार के प्रति जनता का विश्वास और आत्मबल बढ़ा है. जब लोग सुरक्षित और सशक्त महसूस करते हैं, तो यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार सही दिशा में कार्य कर रही है. हमारा मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाना रहा है.
समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने सरकार के साहसिक निर्णयों पर बात करते हुए कहा, धामी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करना है. यह कानून सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है. सरकार ने न केवल इसे पारित किया, बल्कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाए हैं.
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ग्रामीण विकास एवं एम.एस.एम.ई. (MSME) मंत्री भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा, "हमारी सरकार की सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनता से सीधा संवाद है. वह सीधे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देना और मुख्यमंत्री की विकासोन्मुख नीतियों ने राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है.
पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य और शिक्षा की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए सुबोध उनियाल ने कहा, किसी भी राज्य के विकास के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. विशेष रूप से हमारे पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कुछ दशकों में 'पलायन' एक गंभीर समस्या रही है. पलायन का एक बड़ा कारण दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है.
उन्होंने सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए आगे कहा, पलायन को रोकने के लिए हमारी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. हमने दुर्गम से दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने और शिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, ताकि स्थानीय निवासियों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए अपने घर और गांव को न छोड़ना पड़े.
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