शादी के तीन महीने बाद ही लगा खुशियों को ग्रहण... फरवरी में हुई थी Love मैरिज, अब चलती ट्रेन से लापता

Pragya Singh Missing Case: नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन में केदारनाथ से लौट रही नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह रहस्यमयी ढंग से लापता हो गई. हरिद्वार के नजदीक लक्सर में उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन मिली है. पति मनीष अग्रहरि ने उत्तराखंड सरकार से मदद मांगी है. लेकिन रेलवे के खराब सीसीटीवी ने मामला फंसा दिया है....

Advertisement
मुजफ्फरनगर स्टेशन से पहले अचानक सीट से गायब हुई प्रज्ञा.(Photo:ITG) मुजफ्फरनगर स्टेशन से पहले अचानक सीट से गायब हुई प्रज्ञा.(Photo:ITG)

चांदनी क़ुरैशी

  • ग्रेटर नोएडा/हरिद्वार,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:22 AM IST

बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लौट रहे एक परिवार की दुनिया उस वक्त उजड़ गई, जब 29 साल की नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह चलती ट्रेन से रहस्यमयी हालात में लापता हो गई. कानपुर के रहने वाले और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के ग्रीन वैली विला में रह रहे मनीष अग्रहरि अपनी पत्नी प्रज्ञा के साथ इसी साल फरवरी में प्रेम विवाह के बाद पहली बार केदारनाथ यात्रा पर गए थे. 5 मई की रात जब वे नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से वापस लौट रहे थे, तब यह अनहोनी घटी.

Advertisement

मनीष के अनुसार, 2 मई को वे केदारनाथ के लिए निकले थे और 5 मई को दर्शन कर वापस देहरादून पहुंचे. वहां से उन्होंने गाजियाबाद के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी. हरिद्वार स्टेशन तक सब कुछ सामान्य था. हरिद्वार पार होने के बाद मनीष की नींद लग गई. जब मुजफ्फरनगर स्टेशन आने वाला था, तब मनीष की आंख खुली तो प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थी. बदहवास मनीष ने पूरी ट्रेन और शौचालय छान मारे, लेकिन गहरा गुलाबी रंग का सलवार सूट पहनी प्रज्ञा कहीं नहीं मिली.

पति मनीष का पूरा बयान
पीड़ित पति मनीष ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा, "मेरा नाम मनीष अग्रहरि है. मैं और मेरी पत्नी प्रज्ञा सिंह ने 2 मई को गाजियाबाद से केदारनाथ जाने का प्लान किया था. हमने सकुशल दर्शन किए और बहुत अच्छी ट्रिप रही. 5 मई को हमें देहरादून से गाजियाबाद के लिए ट्रेन लेनी थी. बहुत ज्यादा ट्रैवल करने के कारण हम ट्रेन में बैठते ही सो गए. हरिद्वार स्टेशन आने पर मैंने प्रज्ञा की सीट ऊपर शिफ्ट की क्योंकि कुछ पैसेंजर आ गए थे, उसके बाद मैं फिर सो गया.

Advertisement

जब मुजफ्फरनगर स्टेशन क्रॉस कर गया तब मेरी नींद खुली और देखा कि मेरी पत्नी अपनी सीट पर नहीं है. मुझे लगा शायद वॉशरूम गई होगी, लेकिन 5 मिनट बाद भी वह नहीं आई. मैंने तुरंत कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ जाने लगा. मैंने ट्रेन की हर बोगी और वाशरूम चेक किए, लोगों से पूछा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. 139 हेल्पलाइन पर डायल किया पर कोई तुरंत एक्शन नहीं हुआ. प्रज्ञा का सारा सामान बर्थ पर ही था, जिसे लेकर मैं गाजियाबाद उतरा और वहां GRP-RPF में शिकायत की.

अब 40 घंटे से ज्यादा हो गए हैं और मुझे पता नहीं चल पा रहा है कि वह कहां है. उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन लक्सर के पास रेलवे लाइन के किनारे मिली थी. हमने मुजफ्फरनगर और रुड़की के सीसीटीवी खंगाले, लेकिन वहां कैमरे काम नहीं कर रहे थे. रुड़की में 40-50 कैमरे होने के बावजूद कहा गया कि वे अंडर कंस्ट्रक्शन हैं. लक्सर पुलिस हमारी मदद कर रही है, हमने ट्रैक के आसपास भी तलाशी ली है लेकिन अब तक कोई क्लू नहीं मिला है." 

रेलवे अधिकारी का बयान
सीसीटीवी कैमरों की विफलता और तकनीकी समस्याओं पर रेलवे अधिकारी ने कहा, "सीसीटीवी कैमरे स्टेशन पर लगे तो हैं, किन्तु वे अभी पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं. वर्तमान में लगभग 40 कैमरे वर्किंग मोड में हैं, लेकिन उनकी CDR और DVR रिकॉर्डिंग का सेटअप अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है. 

Advertisement

इंजीनियरों से मिली जानकारी के अनुसार, सेटअप प्रक्रिया में होने के कारण 24 घंटे से पुरानी फुटेज मिलना वर्तमान में संभव नहीं है. कैमरों को अपग्रेड करने और नया सेटअप लगाने का काम चल रहा है, जिस कारण रिकॉर्डिंग मिलने में बाधा आ रही है." देखें VIDEO:- 

जांच में ताजा अपडेट
- रुड़की और मुजफ्फरनगर जैसे स्टेशनों पर कैमरों के खराब होने या रिकॉर्डिंग न होने से पुलिस यह नहीं देख पा रही है कि प्रज्ञा ट्रेन से उतरी थी या नहीं.

- लक्सर पुलिस ने रेलवे ट्रैक, पुलों और झाड़ियों में कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया है, लेकिन किसी हादसे या संदिग्ध वस्तु का संकेत नहीं मिला है.

- प्रज्ञा के कॉल डिटेल्स और वॉट्सऐप चैट की जांच में कोई संदिग्ध गतिविधि या किसी साजिश का संकेत नहीं मिला है.

- लक्सर पुलिस ने प्रज्ञा के परिवार को, जो फिलहाल दिल्ली के निजामुद्दीन में थे, कुछ अहम जानकारी शेयर करने के लिए वापस लक्सर कोतवाली बुलाया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement