मधुमिता शुक्ला हत्याकांड: 22 साल बाद 'आजाद' होगा रोहित चतुर्वेदी, सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में रोहित चतुर्वेदी को बड़ी राहत मिली है. रोहित ने 22 साल से ज्यादा समय जेल में बिताया. कोर्ट ने कहा कि सजा का उद्देश्य सिर्फ बदलना नहीं, सुधार होना चाहिए.

Advertisement
मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषी रोहित चतुर्वेदी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत (Photo: ITG) मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषी रोहित चतुर्वेदी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:40 PM IST

2003 के चर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में दोषी रोहित चतुर्वेदी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल से ज्यादा समय जेल में बिताने के आधार पर उसकी सजा में छूट देने की मांग वाली याचिका मंजूर कर ली है.

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने रोहित चतुर्वेदी की सजा में रियायत देने की अर्जी स्वीकार करते हुए कहा कि वह पहले ही लंबे समय तक जेल में रह चुका है. चूंकि रोहित फिलहाल पहले से ही बाहर है, इसलिए उसे अब दोबारा आत्मसमर्पण करने की जरूरत नहीं होगी.

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में उत्तराखंड सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए, जिसमें रोहित की सजा में छूट देने की मांग खारिज कर दी गई थी. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का आदेश मनमाना था और उसमें याचिका खारिज करने के पर्याप्त कारण भी नहीं दिए गए थे. अदालत ने कहा कि यह फैसला कानून और तथ्यों - दोनों की कसौटी पर टिकने योग्य नहीं है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए.

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने यूनानी दार्शनिक प्लेटो का भी जिक्र किया. कोर्ट ने कहा कि दंड का उद्देश्य केवल बदला लेना नहीं, बल्कि सुधार होना चाहिए.

यह भी पढ़ें: रूम नं-16, अजब बीमारी और जेल का खेल... कवयित्री मधुमिता शुक्ला मर्डर के दोषी ने ऐसे काटी उम्रकैद!

अदालत ने कहा कि रोहित चतुर्वेदी पिछले 22 सालों से जेल में रहा है और अब वह खुद को सुधारकर समाज में वापस लौटना चाहता है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि अपराध और सुधार - दोनों अलग बातें हैं, और अगर किसी व्यक्ति में सुधार के संकेत दिखाई देते हैं तो उसे एक अवसर दिया जाना चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »