बाराबंकी में विवादित स्थल तोड़े जाने पर बढ़ा विवाद, 8 लोगों पर केस दर्ज

जिला प्रशासन का दावा है कि वक्फ संपत्ति ने दस्तावेजों में हेराफेरी कर सरकारी जमीन को बिना राजस्व की रिपोर्ट के दर्ज कराया था. बाराबंकी के रामसनेही घाट कोतवाली में 8 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज हुई है.

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बाराबंकी पुलिस (फाइल फोटो) बाराबंकी पुलिस (फाइल फोटो)

सैयद रेहान मुस्तफ़ा

  • बाराबंकी,
  • 21 मई 2021,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST
  • सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप
  • प्रशासन ने 8 लोगों पर दर्ज कराया केस

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में विवादित स्थल को तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अब राम सनेही घाट के तहसील परिसर में अवैध कब्जे को वक्फ संपत्ति घोषित करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की शिकायत पर घोषित वक्फ संपत्ति कमेटी व सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के निरीक्षक पर केस दर्ज हुआ है.

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जिला प्रशासन का दावा है कि वक्फ संपत्ति ने दस्तावेजों में हेराफेरी कर सरकारी जमीन को बिना राजस्व की रिपोर्ट के दर्ज कराया था. बाराबंकी के रामसनेही घाट कोतवाली में 8 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज हुई है. विवादित स्थल को तोड़े जाने का मामला सियासी रंग भी ले चुका है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया है.

कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल कल घटना स्थल के लिए रवाना हुआ था. कोशिश की गई थी कि वहां पर जा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाए, लेकिन पुलिस ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के काफिले को घटनास्थल से पहले ही रोक लिया और बाद में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया.

इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैये को अपनाने का कार्य कर रही है, प्रशासन ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है, 30 तारीख तक के स्टे के बावजूद भी इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया, इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सड़क तक विरोध करेगी.

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वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले को उठाया था और इसे बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति बताया था. अखिलेश ने आरोप लगाया था कि 2022 के चुनाव को देखते हुए ये सब किया जा रहा है. उनकी तरफ से एक 9 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई थी जिसे इस मुद्दे पर पूरी जानकारी इकट्ठी करनी थी.

 

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