UP: आंखों पर छात्राओं ने काली पट्टी बांधकर पढ़ी किताब और चलाई स्कूटी, जानें कैसे हुआ यह कमाल

कौशांबी जिले के केपीएस कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं ने अपनी अनोखी कला का प्रदर्शन किया. छात्राओं ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर किताबें पढ़ीं और स्कूटी चलाई. दरअसल स्कूल की छात्राएं मेडिटेशन साइंस सीख रही हैं, जिसकी वजह से वो यह अनोखा कमाल कर सकीं.

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आंख पर काली पट्टी बांधकर किताब और स्कूटी चलाती छात्राएं (फोटो-आजतक) आंख पर काली पट्टी बांधकर किताब और स्कूटी चलाती छात्राएं (फोटो-आजतक)

अखिलेश कुमार

  • कौशांबी,
  • 13 मई 2022,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST
  • छात्राओं ने सीखी मेडिटेशन साइंस
  • आंख पर पट्टी बांधकर पढ़ी किताब
  • बिना कुछ देखें चलाई स्कूटी

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के केपीएस कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं ने अनोखी कला का प्रदर्शन किया. छात्राओं ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर किताबें पढ़ीं और स्कूटी चलाई. बच्चों की इस कला को देखकर हर कोई हैरान रह गया. दरअसल यह कोई जादू या कोई वैदिक शक्ति की वजह से नहीं हुआ. बल्कि छात्राएं मेडिटेशन साइंस की वजह से यह कमाल कर पाईं. 
 
भरवारी केपीएस कॉलेज में लगभग 70 से 80 बच्चे मेडिटेशन साइंस सीख रहे हैं. गुरुवार को कॉलेज सभागार में छात्राओं ने मेडिटेशन साइंस का प्रदर्शन किया. छात्राओं ने आंखों पर पट्टी बांधकर किताबों को हाथों से स्कैन कर पढ़ा और साथ ही आंख पर काली पट्टी बांधकर जेब में रखी हुई चीजों का रंग तक बता दिया. कार्यक्रम में बैठे लोग छात्रों की प्रतिभा देखकर हैरान रह गए.

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इन छात्राओं को ऋषिकेश के रहने वाले ट्रेनर अनुराग मेडिटेशन साइंस की ट्रेनिंग दे रहे हैं. फिलहाल 70 से 80 बच्चे इसकी ट्रेनिंग ले रहे हैं. इस मौके पर पूर्व विधायक और स्कूल के चेयरमैन संजय कुमार गुप्ता ने बच्चों की तारीफ की और उनका हौसला बढ़ाया. बच्चों के प्रदर्शन को देखकर हर कोई हैरान रह गया. 

इस मौके पर छात्रा अमीषा ने बताया कि मेडिटेशन साइंस के दौरान बॉडी को पूरी तरह से रिलैक्स रखना पड़ता है. हमारे दिमाग में जो इमेज बननी लगती है उसी के जरिए हम अपनी अपनी बात दूसरे तक पहुंचाते हैं और दूसरों की बात समझते है. हमें जो भी सीखना होता है, इस टेक्निक के जरिए आसानी से सीख लेते हैं. चाहे वो किताब पढ़ना हो या स्कूटी चलाना.

मेडिटेशन साइंस के ट्रेनर अनुराग का कहना है कि इसे 10 दिन में भी सीखा जा सकता है और कुछ महीने भी लग जाते हैं. यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने ध्यान से इसे सीख रहे हैं. यह कोई जादू नहीं, बल्कि एक साइंस है. कुछ बच्चे यहां 10 दिनों में ट्रेंड हो गए और  कुछ बच्चों ज्यादा समय लग रहा है. इसमें साइकोलॉजी और क्वांटम फिजिक्स का इस्तेमाल किया जाता है. इसका हमारे शास्त्रों में भी जिक्र है.

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मेडिटेशन साइंस के ट्रेनर अनुराग

 

मेडिटेशन साइंस के ट्रेनर अनुराग ने बताया कि क्वांटम फिजिक्स और मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जब हम ध्यान में होते हैं, तब हमारी सीखने की क्षमता बढ़ती है. हमारा मस्तिष्क तेजी से काम करने लगता है. इसलिए हम आंख बंद करके भी दूर की वस्तु को देख सकते हैं, सुन सकते हैं, स्पर्श, स्वाद ले सकते हैं. इस साइंस को समझने के बाद 10 मिनट में 10 चैप्टर याद कर सकते हैं. अपनी याददाश को 10 गुणा बढ़ा सकते हैं. साइंस और गणित को जल्दी समझकर ज्यादा समय तक याद रख सकते हैं. आंख बंद कर आप दोनों हाथों से लिख सकते हैं.  मन को शांत रख दूसरे के विचारों को समझ सकते हैं. इसके माध्य से जीवन में बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है. 

 

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