बीजेपी ज्वाइन करने के लिए लालू यादव को चुनौती देने वाले अफसर का इस्तीफा

भारतीय रेल सेवा के तेज तर्रार अधिकारी रहे 51 साल के देवमणि दूबे ने भारतीय रेल भूमि विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक पद से इस्तीफा दे दिया है. 27 अगस्त को लखनऊ में वो बाकायदा बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी के प्रचार अभियान में जुटेंगे.

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बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे रेलवे अफसर बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे रेलवे अफसर

अंजलि कर्मकार / राकेश उपाध्याय

  • लखनऊ,
  • 23 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 5:47 AM IST

उत्तर प्रदेश की ब्राह्मण राजनीति में कांग्रेस और बीएसपी की सेंधमारी को जवाब देने के लिए बीजेपी के रणनीतिकारों ने भी बड़ा दांव खेलना शुरू कर दिया है. बीजेपी ने ब्राह्मण-कार्ड को मजबूती देने के काम में ईमानदार और स्वच्छ छवि के कुछ युवा प्रशासनिक अधिकारियों को उनके प्रभाव वाले इलाकों में चुनाव प्रचार की मुहीम में लगाने की रणनीति तैयार की है. इसी क्रम में भारतीय रेल सेवा के तेज तर्रार अधिकारी रहे 51 साल के देवमणि दूबे ने भारतीय रेल भूमि विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक पद से इस्तीफा दे दिया है. 27 अगस्त को लखनऊ में वो बाकायदा की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी के प्रचार अभियान में जुटेंगे.

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लालू के रिश्तेदारों से वसूला था जुर्माना
साल 2006 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के सास-ससुर से बगैर टिकट रेलयात्रा करने के आरोप में जुर्माना वसूल कर देवमणि दूबे सुर्खियों में आए थे. 1992 बैच के के अधिकारी देवमणि दूबे को साल 2003 में रेलवे के सतर्कता निदेशक की जिम्मेदारी मिली थी. विजिलेंस डायरेक्टर रहते हुए उन्होंने बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट कोच में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के सास-ससुर समेत कई रिश्तेदारों को बगैर टिकट यात्रा करने के आरोप में छपरा रेलवे स्टेशन पर उतारकर जुर्माना वसूल किया था.

बीजेपी दूर कर सकती है यूपी की दुर्दशा
रेल मंत्रालय ने भारतीय रेल भूमि विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक पद से उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है. यूपी के सुल्तानपुर के मूल निवासी 51 साल के देवमणि दूबे में ब्राह्मण बहुल इलाकों में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. देवमणि दूबे ने कहा कि 'यूपी में भारतीय जनता पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है, ताकि वो खुलकर पढ़े-लिखे बौद्धिक वर्ग के साथ ब्राह्मणों में खास तौर से पार्टी का प्रचार-प्रसार कर सके. यूपी को दुर्दशा से बाहर निकालने का काम बीजेपी के सिवाय कोई और पार्टी नहीं कर सकती.'

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