पूरे UP में पेट्रोल पंपों पर STF की दबिश, हर दिन 50 हजार का पेट्रोल चुराने का पर्दाफाश

लखनऊ में एसटीएफ के पेट्रोल पंपों पर छापे के दौरान तेल चोरी का मामला सामने आया है. इसके तहत 7 पेट्रोल पंपों पर छापा मारा गया था, इन पंपों पर कम पेट्रोल देने का आरोप था. यह तेल मशीन के नीचे चिप लगाकर चोरी किया जाता था, जिससे एक दिन में लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक की धांधली होती थी. धोखाधड़ी सामने आने के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.

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पेट्रोल देने में धोखाधड़ी पेट्रोल देने में धोखाधड़ी

मौसमी सिंह

  • लखनऊ,
  • 28 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 6:32 PM IST

लखनऊ में एसटीएफ के पेट्रोल पंपों पर छापे के दौरान तेल चोरी का मामला सामने आया है. इसके तहत 7 पेट्रोल पंपों पर छापा मारा गया था, इन पंपों पर कम पेट्रोल देने का आरोप था. यह तेल मशीन के नीचे चिप लगाकर चोरी किया जाता था, जिससे एक दिन में लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक की धांधली होती थी. धोखाधड़ी सामने आने के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.

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लखनऊ में पेट्रोल पंपों का गोरखधंधा सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में पंपों पर STF की छापेमारी जारी है. खबरों की मानें तो पंपों पर डीजल और पेट्रोल की चोरी लखनऊ के अलावा सूबे के दूसरे शहरों में धड़ल्ले से चल रहे हैं.

एसटीएफ ने छापे मारकर कई मशीनें सील कर दी हैं, कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन, सप्लाई विभाग, तेल कंपनियों के प्रतिनिधित्व और कई आला अफसर मौजूद थे. छापेमारी के दौरान सभी पेट्रोल पंपों से कई चिप और रिमोट बरामद किये गये. एसटीएफ ने यह कार्रवाई ग्राहकों की शिकायत के बाद की है.

1 हजार पेट्रोल पंप पर लगाई चिप
पकड़े गये आरोपी ने एसटीएफ को बताया कि उन्होंने 1 हजार से भी ज्यादा पर चिप लगाई है, जिसके जरिये यह चोरी की जा सकती है. उत्तर प्रदेश के अलावा यह धंधा देश के कई और बड़े राज्यों में भी चल रहा है. एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक के अनुसार, पेट्रोल कम देने के मामले में एक बड़े गैंग का हाथ हो सकता है जो कि देशभर में एक्टिव है.एसटीएफ ने इस मामले में गैंग से जुड़े राजेंद्र नामक शख्स को गिरफ्तार किया है, यह छापा एसटीएफ की 7 टीमों ने किया.

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बताया जा रहा है कि एक पेट्रोल पंप पर इस गैंग के कई लोग शामिल रहते थे. जिसमें से एक पेट्रोल डालने पर, दूसरा उसे रिमोट के जरिये चिप को चालू करने पर रहता था.

आज तक का रियलटी चेक
शुक्रवार सुबह इस खुलासे के बाद से बातचीत कर इस मामले का रियलटी चेक लिया. लोगों ने बताया कि उन्हें इस बात का अक्सर शक होता था, कि उन्हें कम पेट्रोल दिया जाता है. लेकिन वह कुछ कर नहीं पाते थे. कई बार लोगों ने इस बात का विरोध भी किया और झगड़ा भी किया लेकिन कुछ नहीं हो सका. लोगों ने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की अपील की है.

वहां मौजूद शिखा ने बताया कि उनका खुद का कामकाज़ है, उन्होंने कहा कि पहले 350 रुपये में उनकी टंकी फुल होती थी, लेकिन खुलासे के बाद 300 रुपये में ही पेट्रोल की टंकी फुल हो जाती है.

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