ये पड़ोसी है कि मानता ही नहीं...जानें राजनाथ की जुबानी, SAARC की कहानी

राज्‍यसभा के जरिए शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सार्क सम्‍मेलन के अपने भाषण से देश को रूबरू कराया. उन्‍होंने बताया कि किस तरह पाक को उन्‍होंने उसी के घर में घेरा और ये बताया कि अब आतंकियों पर कार्रवाई करने का सही वक्‍त आ गया है. आतंकवाद के खात्‍मे की राजनाथ की बातों का सदन में मौजूद अन्‍य नेताओं ने समर्थन किया. आइए जानें किसने क्‍या कहा राज्‍यसभा में...

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राज्यसभा में पाकिस्तान दौरे पर चर्चा करते गृह मंत्री राजनाथ सिंह राज्यसभा में पाकिस्तान दौरे पर चर्चा करते गृह मंत्री राजनाथ सिंह

अंजलि कर्मकार

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

राज्‍यसभा के जरिए शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सार्क सम्‍मेलन के अपने भाषण से देश को रूबरू कराया. उन्‍होंने बताया कि किस तरह पाक को उन्‍होंने उसी के घर में घेरा और ये बताया कि अब आतंकियों पर कार्रवाई करने का सही वक्‍त आ गया है. आतंकवाद के खात्‍मे की राजनाथ की बातों का सदन में मौजूद अन्‍य नेताओं ने समर्थन किया. आइए जानें किसने क्‍या कहा राज्‍यसभा में...

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राजनाथ ने की आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की अपील

1. सार्क बैठक में मुख्‍य एजेंडा आतंकवाद, ह्यूमन ट्रैफिकिंग था.

2. दक्षिण एशिया के लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद ही है.

3. मैंने इसे जड़ से उखाड़ने का आह्वान किया.

4. किसी भी देश का हीरो नहीं हो सकता.

5. आतंकवाद की हैवानियत से तभी निपटा जा सकेगा जब हम सभी एक राय हो.

6. अच्‍छे और बुरे आतंकवाद में कोई भूल कदापि न हो.

7. आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले सभी के खिलाफ कार्रवाई हो.

8. आतंकवाद पर दुनिया की ओर से बनाए गए बैन का सम्‍मान हो.

9. सभी सार्क देशों ने आतंकवाद की निंदा की.

10. मैंने सभी से अपील की कि आतंकियों का महिमामंडन बंद किया जाए.

11. दक्षिण एशिया में आतंकवाद के गहरे बादल मंडरा रहे हैं.

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12. आतंकवाद ही का सबसे बड़ा दुश्‍मन है.

13. पाकिस्‍तान समझौते पर अमल नहीं कर रहा.

14. हमने सार्क देशों को जन धन जैसी अपनी योजनाओं से भी अवगत कराया.

'मैं वहां खाना खाने नहीं गया था'

15. मेरे साथ कैसा व्‍यवहार हुआ, इसे बताने में मुझे संकोच है.

16. मीटिंग समाप्‍त होने के बाद वहां के गृहमंत्री ने सबको लंच के लिए इनवाइट किया. और गाड़ी में बैठकर चले गए.

17. देश की मर्यादा को ध्‍यान में रखकर जो मुझे करना चाहिए वो मैंने किया.

18. मैं वहां भोजन करने नहीं गया था.

19. यदि मुझे वहां के विरोध की चिंता होती तो मैं वहां नहीं गया होता.

20. मैंने वहां कोई विरोध दर्ज नहीं कराया.

21. वहां जो होना था वहां वो हुआ.

22. मेरी स्‍पीच जो ब्‍लैकआउट कर दी गई, वहां की जो परंपरा है मुझे इसकी जानकारी नहीं है.

23. बीएसएफ पहले से न गोली चलाए. लेकिन यदि चल गई तो कोई बात नहीं.

24. अटल जी ने कहा था कि दोस्‍त बदल जाते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं.

25. ये पड़ोसी है कि मानता ही नहीं.

26. हम सभी आतंकवाद के खात्‍मे के लिए एक साथ खड़े हैं.

गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस नेता

27. हम सार्क में राजनाथ के दिए बयान का स्‍वागत करते हैं.

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28. जो भी राजनाथजी ने मुद्दे उठाए हैं उनका हमारे देश में बुरा असर है.

29. सबसे ज्‍यादा आतंकवाद का दंश ने ही झेला है.

30. हमारे दो पीएम इसके शिकार हुए हैं.

31. हमारे जो भी मतभेद है बीजेपी के साथ वो देश के अंदर ही है.

32. हम इसकी घोर निंदा करती हैं कि राजनाथ का बयान रोका गया.

33. हम आतंकवाद के मसले पर आपके साथ हैं.

मायावती, बीएसपी सुप्रीमो

34. हम राजनाथ के बयान का समर्थन करते है.

35. सभी दल इस मामले पर ऊपर उठें.

36. इस मामले पर नहीं होनी चाहिए.

37. पाक का रवैया इस बार इंडिया के साथ सही नजर नहीं आया.

38. मैं राजनाथ से अपील करती हूं कि वे इस मामले को पीएम के साथ उठाएं और नीति बनाएं.

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