जीएसटी परिषद के गठन को मंत्रिमंडल की मंजूरी

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद के गठन को सोमवार को मंजूरी दे दी गई, जिसके अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होंगे. यह परिषद अप्रत्यक्ष कर की दर, विवाद के निवारण का तंत्र और अन्य मामलों को देखेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया.

Advertisement
वित्त मंत्री अरुण जेटली वित्त मंत्री अरुण जेटली

मोनिका शर्मा / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में जीएसटी परिषद के गठन को मंजूरी दी गई है. इस परिषद का गठन 11 नवंबर तक किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में परिषद के गठन कार्य, प्रगति और प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी दे दी गई है.

परिषद में शामिल होंगे राज्यों के वित्त मंत्री
वित्त मंत्री की अध्यक्षता में इस परिषद का गठन किया जाएगा. इस परिषद में सभी 29 राज्य और संघ शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी होंगे. परिषद नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के लिए कर की दर, उस में दी जाने वाली छूट और इसकी सीमा पर फैसला करेगी. सरकार की पूरी कोशिश है कि 1 अप्रैल 2017 से इस नई कर प्रणाली को लागू किया जाए. इस परिषद में सदस्य के तौर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के अलावा राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होंगे.

Advertisement

राष्ट्रपति ने दे दी थी सहमति
केंद्र का इसमें एक तिहाई मत होगा. जबकि राज्यों का इसमें दो तिहाई मत होगा. किसी भी सहमति पर पहुंचने के लिए तीन चौथाई बहुमत जरूरी होगा. यह बता देना आवश्यक है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले हफ्ते ही विधेयक पर अपनी सहमति प्रदान कर दी थी. उसके बाद ही इस परिषद के गठन का रास्ता साफ हुआ था. इसके बाद यह विधायक राज्यों में पास होने के लिए गया था. इस विधेयक को सभी राज्यों और दो संघ शासित प्रदेशों में से 50% विधानसभाओं के अनुमोदन की जरूरत होती है. 19 राज्यों ने विधेयक को अनुदित करके भेजा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »