हुर्रियत से बातचीत होगी या नहीं, ये फैसला गृह मंत्रालय लेगा: जितेंद्र सिंह

नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पर हमला बोलते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि तथाकथित मुख्य पार्टियां नहीं चाहतीं कि कश्मीर से आतंकवाद का सफाया हो. आगे बोलते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद अपने अंतिम चरण में है. कश्मीर के युवा अपने लिए बेहतर भविष्य चाहते हैं.

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जितेंद्र सिंह (फाइल फोटो) जितेंद्र सिंह (फाइल फोटो)

सुनील जी भट्ट

  • जम्मू,
  • 30 जून 2019,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

जम्मू-कश्मीर के कठुआ पहुंचे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से जब हुर्रियत नेताओं से बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय इस पर फैसला करेगा कि हुर्रियत से बातचीत करनी है या नहीं. इसके साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि तथाकथित मुख्य पार्टियां नहीं चाहतीं कि कश्मीर से आतंकवाद का सफाया हो. आगे बोलते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद अपने अंतिम चरण में है. कश्मीर के युवा अपने लिए बेहतर भविष्य चाहते हैं.

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लोकसभा में अपने भाषण के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में धारा-370 स्थायी नहीं बल्कि अस्थायी है. शाह के इस पर बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा था कि पंडित नेहरू भी मानते थे कि धारा-370 और धारा 35-A संविधान की अस्थायी व्यवस्थाएं हैं. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर से लोकसभा सांसद जितेंद्र सिंह ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा रचा गया एक बहाना है. जब ये उन्हें सूट करता है तो स्पेशल होता है अन्यथा नहीं.

उधमपुर के सासंद डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा था कि आज जम्मू-कश्मीर की हालत दूसरी होती अगर पंडित नेहरू ने अपने कैबिनेट में नंबर 2 और तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को जम्मू-कश्मीर का मसला उसी तरह सुलझाने दिया होता जिस तरह उन्होंने हैदराबाद और दूसरी रियासतों का मामला सुलझाया था. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि अगर ऐसा हुआ होता तो न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे भारतीय उप महाद्वीप की तस्वीर दूसरी होती.

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