इंदिरा गांधी को लेकर कांग्रेस से फेसबुक पर हो गई गलती

गलती स्पष्ट होते ही कांग्रेस के फेसबुक पेज से वो पोस्ट हटा लिया गया. भूल सुधार कर पोस्ट किया गया कि विद्यासागर सेतु की नींव इंदिराजी ने 20 मई, 1972 को रखी थी और 10 अक्टूबर 1992 में पीवी नरसिम्हा राव ने इस सेतु का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया था.

Advertisement
कांग्रेस का फेसबुक पेज कांग्रेस का फेसबुक पेज

सुरभि गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 3:57 PM IST

क्या पश्चिम बंगाल में मशहूर विद्यासागर सेतु का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था? अगर कांग्रेस की मानें तो हां. ये बात अलग है कि इस सेतु का उद्घाटन 10 अक्टूबर यानी आज ही के दिन 1992 में हुआ था, जबकि इंदिरा गांधी की हत्या इससे ठीक छह साल पहले अक्टूबर के महीने में ही 31 तारीख को हो चुकी थी.

Advertisement

जी हां, अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर आज #ThisdayThatYear के साथ कई पोस्ट कीं. एक में उसने आज ही के दिन कैलाश सत्यार्थी को 2014 का नोबेल पुरस्कार मिलने का जिक्र किया तो दूसरे में 2008 में तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी का अमेरिकी फर्म के साथ भारत में परमाणु तकनीक बेचने संबंधी समझौते का.

इसी हैशटैग के तहत कांग्रेस ने लिखा कि आज ही के दिन 1992 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1992 में विद्यासागर सेतु का उदघाटन किया था. सुबह 8.15 बजे लिखी गई इस पोस्ट को करते वक्त कांग्रेस का सोशल मीडिया सेल भूल गया कि इंदिरा गांधी नहीं, उस वक्त नरसिंहा राव प्रधानमंत्री थे और उन्होंने ही इस सेतु का उद्घाटन किया था. इंदिरा गांधी की हत्या तो छह साल पहले 1984 में ही हो गई थी और वो भी अक्टूबर का ही महीना था.

Advertisement

जाहिर है ये पोस्ट होते ही यूजर्स ने कांग्रेस की खिंचाई करना शुरू कर दिया कि आखिर कैसे इस सेतु का उद्घाटन कर सकती हैं और कांग्रेस का मीडिया सेल अगर इतिहास को जनता को बताना चाहता है तो पहले वो खुद को अपडेट क्यों नहीं करता. तकरीबन 12 बजे कांग्रेस को अपनी इस गलती का अहसास हुआ और फिर इस पोस्ट को एडिट कर लिखा गया कि 1992 में पी वी नरसिंहा राव ने इस सेतु का उद्घाटन किया था जबकि इसकी आधारशिला 20 मई 1972 को इंदिरा गांधी ने रखी थी.

एक यूजर ने चुटकी लेते हुए पूछा कि 1992 में इंदिरा जी को निमंत्रण देने स्वर्ग में कौन गया था.

खास बात ये है कि फेसबुक पोस्ट को एडिट करने के बावजूद उसकी पुरानी पोस्ट को देखने का विकल्प मौजूद रहता है. इस पोस्ट में भी कांग्रेस की चूक उसकी एडिट हिस्ट्री में देखी जा सकती है लेकिन अच्छी बात ये है कि कांग्रेस को अपनी गलती का जल्द अहसास हो गया और उसने उसे सुधार भी लिया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »