नेताजी पर लिखी नेहरू की चिट्ठी को कांग्रेस ने बताया झूठा

आनंद शर्मा ने कहा कि ये चिट्ठी झूठी है और सच्चाई सामने आनी चाहिए. आनंद शर्मा ने कहा कि इस चिट्ठी को सामने रखना शरारतपूर्ण है.

Advertisement
कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा

संदीप कुमार सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

कांग्रेस पार्टी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में ब्रिटिश पीएम क्लीमेंट एटली को लिखी गई जवाहरलाल नेहरू की कथित चिट्ठी को झूठ करार दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि ये चिट्ठी झूठी है और सच्चाई सामने आनी चाहिए. आनंद शर्मा ने कहा कि इस चिट्ठी को सामने रखना शरारतपूर्ण है.


गौरतलब है कि नेताजी से जुड़ी को पीएम मोदी ने शनिवार को जारी किया था. इनमें देश के पहले पीएम नेहरू की एक चिट्ठी भी जारी की गई है जो उन्होंने तत्कालीन ब्रिटिश पीएम क्लीमेंट एटली को लिखे पत्र में नेताजी को बताया था इंग्लैंड का युद्ध अपराधी. कांग्रेस ने इस कथित चिट्ठी को झूठा करार दिया है.

Advertisement

ये कदम शरारतपूर्ण
आनंद शर्मा ने कहा कि नेहरू एक विश्व नेता थे और उनके बारे में इस तरह की करना शरारतपूर्ण है.

पीएम ने जारी की 100 फाइलें
गौरतलब है कि सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी गोपनीय फाइलें शनिवार को सार्वजनिक हो गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन फाइलों का डिजिटल वर्जन जारी किया. लेकिन इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का एक खत सामने आया, जिसमें उन्होंने बोस को युद्ध अपराधी लिखा था. यह पत्र उन्होंने ब्रिटेन के तत्कालीन पीएम क्लीमेंट एटली को लिखा था.

क्या था नेहरू के इस खत में
नेहरू ने इस चिट्ठी में कहा है- 'मुझे भरोसेमंद सूत्र से पता चला है कि सुभाष चंद्र बोस, जो आपके युद्ध अपराधी हैं, उन्हें स्टालिन ने रूस में घुसने की मंजूरी दे दी है. यह रूस का धोखा है, क्योंकि रूस ब्रिटिश-अमेरिकन गठबंधन का मित्र देश है. उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था. इस पर आपको जो सही लगे वह कार्रवाई करें.' हालांकि चिट्ठी पर नेहरू का सिर्फ नाम लिखा है, उनका हस्ताक्षर नहीं है. चिट्ठी 27 दिसंबर 1945 को लिखी गई थी.

Advertisement

मोदी ने 14 अक्टूबर को किया था ऐलान
पहली बार इन फाइलों पर गृहमंत्री के ऑथेंटिफिकेशन के बाद प्रधानमंत्री ने हस्ताक्षर किए हैं. अब ये सरकारी दस्तावेज के तौर पर पेश किए जा सकेंगे. पिछले साल 14 अक्टूबर को मोदी ने घोषणा की थी कि नेताजी से जुड़ी गोपनीय फाइलें सार्वजनिक की जाएंगी. पीएमओ ने पहली 33 फाइलें 4 दिसंबर को नेशनल आर्काइव्स को सौंप दी थी.

हर महीने जारी होंगी 25-25 फाइलें
नेशनल आर्काइव्स बोस से जुड़ी 25 फाइलों की डिजिटल कॉपी हर महीने सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध कराएगा. इसके लिए सरकार ने एक वेबसाइट बनाई है. ये सभी फाइलें netajipapers.gov.in पर मिलेंगी. हालांकि पीएम के इन फाइलों का डिजिटल वर्जन लॉन्च करने के तुरंत बाद यह वेबसाइट नहीं खुल रही थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »