गृह मंत्रालय ने कहा- नेपाल, भूटान जाने के लिए वैध नहीं है आधार

यात्रा को सरल बनाने के लिए 65 साल से अधिक और 15 साल से कम आयु वाले अपनी आयु और पहचान की पुष्टि के लिए अपनी फोटो वाले दस्तावेज दिखा सकते हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

नंदलाल शर्मा / BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2017,
  • अपडेटेड 3:49 PM IST

गृह मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल और भूटान की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए आधार वैध पहचान दस्तावेज नहीं है. देश के नागरिक वैध राष्ट्रीय पासपोर्ट अथवा चुनाव आयोग द्वारा जारी चुनाव पहचान पत्र लेकर नेपाल और भूटान की यात्रा कर सकते हैं. इन दो देशों में यात्रा के लिए वीजा अनिवार्य नहीं है.

यात्रा को सरल बनाने के लिए 65 साल से अधिक और 15 साल से कम आयु वाले अपनी आयु और पहचान की पुष्टि के लिए अपनी फोटो वाले दस्तावेज दिखा सकते हैं. इनमें पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केन्द्र सरकार स्वास्थ्य सेवा (सीजीएचएस) कार्ड और राशन कार्ड शामिल हैं, लेकिन आधर कार्ड शामिल नहीं है.

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मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नेपाल और भूटान की यात्रा के लिए आधार कार्ड स्वीकार्य यात्रा दस्तावेज नहीं है. यह परामर्श इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि एलपीजी पर सब्सिडी और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने समेत अनेक कामों के लिए आधार अनिवार्य है.

नेपाल के साथ भारत की खुली सीमा है लेकिन वहां प्रवेश के वक्त वैध पहचान कार्ड दिखना जरूरी होता है. इस बीच, विमान से विदेश जानने वाले भारतीयों को अगले महीने से डिपार्चर कार्ड भरने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन रेलगाड़ी, बंदरगाह और सड़क मार्ग से विदेश जाने वालों को एंबारकेशन कार्ड भरना होगा.

गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, भारतीयों को सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर डिपार्चर कार्ड भरने की प्रक्रिया को एक जुलाई 2017 से बंद करने का निर्णय लिया गया है. विदेश जाने वाले यात्रियों की यात्रा सुगम बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है.

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