पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित तौर पर शराब पीकर सदन में आने को लेकर सियासत में हंगामा जारी है. पंजाब बीजेपी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की. दौरान बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने राज्य का मुख्यमंत्री बदलने की मांग की.
बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल के सामने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. बीजेपी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ कर रहे थे. उनके साथ कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और पूर्व सांसद परनीत कौर समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे.
इस दौरान सुनील जाखड़ ने कहा, 'शराबी आदमी को कोई कार नहीं चलाने देता भगवंत मान पंजाब चला रहे है, कलंक के ऊपर मुहर लगाई है. आप विधायकों ने विधानसभा में कॉन्फिडेंस मोशन पर मत देकर, बाबा साहिब और सविधान की बेअदबी की.
जाखड़ ने राज्यपाल मुख्य सचिव को बुलाकर मुख्यमंत्री के व्यवहार के बारे में सवाल करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के साथ साथ DGP को भी बुलाया जाए और समझाए और अगर उनको कोई डर है तो सुरक्षा दी जाए.
CM मान को 'डी-एडिक्शन सेंटर' भेजने की मांग
सुनील जाखड़ ने कहा कि असली फ्लोर टेस्ट राज्यपाल के पास ही होगा, क्योंकि 'आप' के कई विधायक अपनी सरकार के खिलाफ जल्द ही राजभवन आएंगे. बीजेपी ने मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री को इलाज के लिए 'डी-एडिक्शन सेंटर' भेज देना चाहिए.
अरविंद केजरीवाल पर निशाना
जाखड़ ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद शराब नीति मामले में जेल रहकर आए हैं, ऐसे में वह भगवंत मान को कैसे बदलेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप पाठक के जरिए विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है ताकि वो पार्टी न छोड़ें.
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल बीजेपी का दावा है विधानसभा सत्र से पहले हुई कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री भगवंत मान शराब के नशे में थे. उनपर आरोप है कि उन्होंने नशे की हालत में दो मंत्रियों और पंजाब के मुख्य सचिव के साथ बदसलूकी की और उनसे उलझ गए.
अमन भारद्वाज