पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है. नवजोत कौर सिद्धू ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले खुद को भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया है. अमृतसर पूर्व से पूर्व विधायक और पेशे से डॉक्टर रहीं सिद्धू ने साफ किया कि वह सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी और पंजाब के विकास के लिए अपनी स्पष्ट योजना पेश करेंगी.
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके इस फैसले से नवजोत सिंह सिद्धू का कोई लेना-देना नहीं है. उनके मुताबिक, सिद्धू 2022 के बाद से सक्रिय राजनीति से दूर हैं और अब मुंबई में अपने टीवी कार्य में व्यस्त हैं. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने पति को नई पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी तो उनका जवाब था, 'तुम अपना ड्रामा करती रहो.'
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सिद्धू ने कहा कि पार्टी में आंतरिक कलह और समझौता करने वाली राजनीति हावी है, जिससे बदलाव संभव नहीं है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस केवल 5 से 7 सीटों तक सिमट जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी से ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने नया मंच चुनना बेहतर समझा.
'30 प्रतिशत कमीशन लेते हैं सुखबीर सिंह बादल'
अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने सुखबीर सिंह बादल पर गंभीर आरोप लगाए. सिद्धू ने कहा कि बादल हर प्रोजेक्ट में 30 प्रतिशत कमीशन लेते हैं और नशे के प्रभाव में रहते हैं. उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि अगर वह सत्ता में आती हैं तो बादल को केवल सीमित मात्रा में अफीम दी जाएगी. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अफीम का उपयोग चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए होना चाहिए.
अफीम की खेती को वैध बताया
नशे की समस्या पर उन्होंने समाधान सुझाते हुए कहा कि पंजाब में औषधीय उपयोग के लिए अफीम की खेती को अनुमति दी जानी चाहिए, जिससे अवैध नशे पर रोक लगेगी और किसानों की आय भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था केवल नशे के शिकार लोगों के इलाज तक सीमित है, जबकि इसके मूल कारणों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा.
सिद्धू ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है तो स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. मुख्यमंत्री बनने पर वह खुद नरेंद्र मोदी से मिलकर पंजाब के विकास के लिए आर्थिक सहायता मांगेंगी. हालांकि, उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगी.
उन्होंने राघव चड्ढा की तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छे मुद्दे उठाते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि चाहे प्रियंका गांधी हों या राहुल गांधी, जो भी जनता के मुद्दे उठाता है, वह उसकी सराहना करती हैं.
पहली ही प्रेस वार्ता में नवजोत कौर सिद्धू के बयानों ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले चुनावों से पहले सियासी माहौल गरमा गया है.
कमलजीत संधू