गुरुद्वारे में प्रवचन, पुलिस को अलर्ट, फिर रोडेगांव में ऑपरेशन, यूं कानून के शिकंजे में आया अमृतपाल

भगोड़े अमृतपाल सिंह का चैप्टर क्लोज हो चुका है. उसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. उसे मोगा के रोडेगांव में गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया है, इस दौरान पुलिस ने काफी एहतियात बरती. जानकारी के मुताबिक अमृतपाल शनिवार की रात ही गुरुद्वारा पहुंच गया था. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की है.

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अमृतपाल को अरेस्ट करने के बाद पंजाब पुलिस डिब्रूगढ़ लेकर गई है अमृतपाल को अरेस्ट करने के बाद पंजाब पुलिस डिब्रूगढ़ लेकर गई है

सतेंदर चौहान

  • चंडीगढ़,
  • 23 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह अब पुलिस की गिरफ्त में हैं. उसे पंजाब के मोगा में रोडेवाल गांव स्थित गुरुद्वारे से अरेस्ट कर लिया गया है.पिछले 36 दिन से पुलिस को चमका दे रहा 'वारिस पंजाब दे' संगठन का मुखिया शनिवार रात को ही गुरुद्वारे में पहुंच गया था. वहां उसने ग्रंथी से बातचीत की और उन्हें बताया कि वह सरेंडर करना चाहता है. ग्रंथी ने इसकी खबर पुलिस तक पहुंचाई. जैसे ही पुलिस को ये इनपुट मिला कि अमृतपाल गुरुद्वारे में है, पूरा सिस्टम अलर्ट हो गया. आनन-फानन में रोडेगांव में ऑपरेशन की प्लानिंग की गई. इस दौरान ये भी सुनिश्चित किया गया कि गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा का पूरा ध्यान रखना है. पूरे एहतियात के साथ पुलिस फोर्स आज सुबह 6:45 बजे रोडेगांव पहुंचा. जहां से अमृतपाल को गिरफ्तार किया गया. 

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अमृतपाल को अरेस्ट करने के बाद पुलिस उसे बठिंडा एयरपोर्ट लेकर पहुंची. एयरपोर्ट पर ही उसका मेडिकल कराया गया. इसके बाद पंजाब पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच अमृतपाल को लेकर डिब्रूगढ़ लेकर रवाना हो गई. इस दौरान एक डॉक्टर भी उसके साथ डिब्रूगढ़ तक जाएगा. अरेस्ट होने से पहले अमृतपाल सिंह ने प्रवचन के दौरान भी लोगों को भड़काने की कोशिश की. उसने कहा कि ये गिरफ्तारी अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है. मैंने यहां मोगा में गिरफ्तार होने का फैसला किया है. 

अमृतपाल सिंह को 36 दिन बाद गिरफ्तार किया गया है. पुलिस को अजनाला कांड के बाद उसकी तलाश थी. उस पर NSA भी लगाया गया था. वहीं पंजाब पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि अमृतपाल को गिरफ्तार किया गया है, उसे पंजाब के मोगा से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है. साथ ही कहा है कि कोई भी फर्जी खबर शेयर न करें.

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अमृतपाल ने जहां सरेंडर किया है, वह जनरैल सिंह भिंडरावाले का गांव है. इसके साथ ही उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह गुरुद्वारे में प्रवचन कर रहा है. लेकिन वह फ्रेम में अकेला ही नजर आ रहा है, उसके आसपास कोई भी मौजूद नहीं हैं. दरअसल, इसी साल 23 फरवरी को अमृतपाल सिंह ने अपने समर्थकों संग अमृतसर के अजनाला पुलिस थाने पर एक सहयोगी को छोड़ने के मांग को लेकर धावा बोल दिया था. इस मामले से पंजाब पुलिस और सरकार की कड़ी आलोचना हुई थी.

ऐसे हुई खालिस्तान समर्थक की गिरफ्तारी

- अकाल तख्त के पूर्व मुखिया जसबीर सिंह ने दी सूचना

- शनिवार की रात पुलिस को सूचना दी गई

- अमृतपाल को सुबह सात बजे हिरासत में ले लिया गया

- गिरफ्तारी से पहले गुरुद्वारे में लोगों को संबोधित किया

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पंजाब के IG बोले- गिरफ्तारी के वक्त गुरुद्वारे की मर्यादा का पूरा ख्याल रखा

अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद पंजाब के आईजी सुखचैन गिल ने कहा कि पुलिस ने पिछले 35 दिनों से इसमें प्रेशर बना रखा था. सभी विभाग इंटेलिजेंस के साथ पूरा ताल मेल में काम कर रहे थे. आज सुबह अमृतपाल सिंह को अरेस्ट कर लिया है. लोगों का धन्यवाद करना चाहूंगा, जिसमें पंजाब में कानून व्यवस्था को खराब नहीं किया और भाईचारे को कायम रखा. किसी को भी पंजाब का माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह को सुबह 6:45 बजे रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया है. हमारे पास सूचना थी कि अमृतपाल गुरुद्वारे के अंदर है, तो गुरुद्वारे की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए एक्शन लिया गया. 

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अमृतपाल पर लगा था NSA

अमृतपाल को लेकर पुलिस ने बेहद सख्त एक्शन लेते हुए उस पर एनएसए लगा दिया था. एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून. यह बेहद सख्त कानून माना जाता है. इस कानून के तहत पुलिस संदिग्ध व्यक्ति को 12 महीनों तक हिरासत में रख सकती है. हिरासत में रखने के लिए बस बताना होता है कि इस व्यक्ति को जेल में रखा गया है. 

पत्नी किरणदीप कौर को विदेशी फंडिंग की जानकारी थी 


यह अमृतपाल की पत्नी है. इसी साल 10 फरवरी को दोनों की शादी हुई है. पुलिस को आशंका है कि किरणदीप को अमृतपाल को हो रही विदेशी फंडिंग की जानकारी है. इसके अलावा, खुफिया एजेंसियों को इस बात की आशंका है कि किरणदीप कौर आनंदपुर खालसा फोर्स (AKF) और 'वारिस पंजाब दे' के लिए धन जुटाने का काम करती थी.पुलिस ने कथित विदेशी फंडिंग के मामले में किरणदीप कौर से करीब एक घंटे तक पूछताछ की थी.
 

 

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