कहीं तोड़ा TMC दफ्तर, कहीं रेलवे की जमीन कराई खाली... पश्चिम बंगाल में कहां-कहां बुलडोजर एक्शन

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध कब्जों पर बुलडोजर कार्रवाई तेज हो गई है. हावड़ा और कोलकाता में भी अवैध निर्माण तोड़े गए. वहीं आसनसोल के रेलवे क्वार्टर इलाके में भी अवैध कब्जों पर कार्रवाई हुई.

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पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रेलवे क्वार्टर इलाके में अतिक्रमण हटाया गया पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रेलवे क्वार्टर इलाके में अतिक्रमण हटाया गया

अनुपम मिश्रा / तपस सेनगुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:21 PM IST

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध कब्जों पर लगातार एक्शन हो रहा है. एक तरफ जहां इसे बदलाव की शुरुआत बताया जा रहा है तो वहीं इसे 'राजनीतिक दांव' भी कहा जा रहा है. कोलकाता, हावड़ा के बाद आसनसोल में भी बुलडोजर चला. इस दौरान कई अवैध निर्माण भी तोड़े गए. 

मंगलवार को आसनसोल के बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ स्थित तृणमूल युवा कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय को केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल (SAIL) के इस्को प्रबंधन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया.

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उधर, राज्य में हॉकरों के खिलाफ चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया है कि राज्य में बीजेपी सरकार “बुलडोजर कल्चर” लागू कर रही है और गरीब हॉकरों को जबरन हटाया जा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर टीएमसी ने 21 मई को बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.

आसनसोल में टीएमसी कार्यालय ध्वस्त
बता दें कि मंगलवार को आसनसोल के बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ स्थित तृणमूल युवा कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय को ध्वस्त किया गया था.  इस्को प्रबंधन का आरोप है कि यह पार्टी कार्यालय उनकी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था. अधिकारियों के अनुसार जमीन खाली करने के लिए पहले नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया. इसके बाद भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई.

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टीएमसी नेता ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक बदला
कार्यालय तोड़े जाने के बाद स्थानीय तृणमूल युवा नेता अभिक गोस्वामी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदला बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद पार्टी विपक्ष की भूमिका निभा रही है और यह कार्यालय आम लोगों की समस्याओं के समाधान और जनसंपर्क का केंद्र था. उनका आरोप है कि बिना किसी अंतिम बातचीत के जबरन बुलडोजर चलाकर कार्यालय को तोड़ दिया गया.

उन्होंने इस्को प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि बर्नपुर में सेल की कई जमीनों पर अन्य लोगों द्वारा भी कब्जा कर व्यवसाय चलाया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई केवल विपक्षी दल के कार्यालय पर की गई. उन्होंने मांग की कि प्रशासन सभी अवैध कब्जों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई करे. वहीं, इस्को प्रबंधन ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा.

बराकर रेलवे क्वार्टर इलाके में भी कार्रवाई
उधर, आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत बराकर रेलवे क्वार्टर इलाके में भी मंगलवार को रेलवे प्रशासन ने अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया. बराकर आरपीएफ ओल्ड बैरक के पास और बलतोड़िया गणेश मैदान के समीप रेलवे लाइन से सटे करीब एक दर्जन अवैध क्वार्टरों और घरों को ध्वस्त कर दिया गया. अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कब्जाधारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई रेल कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित फोर-लेन निर्माण परियोजना के लिए की गई है. अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा होने के कारण परियोजना का काम प्रभावित हो रहा था.

रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
रेल प्रशासन ने बताया कि बराकर रेलवे पुल से कुल्टी रेलवे स्टेशन तक रेलवे की जमीन पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है. इसके अलावा, बलतोड़िया इलाके में रेलवे और सेल के पानी के कथित दुरुपयोग से विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा है. अधिकारियों का दावा है कि कब्जाधारियों को पहले ही कानूनी नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय के भीतर कब्जा नहीं हटाया गया.

मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता रवि यादव ने राज्य सरकार पर गरीबों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में परिवारों को बेघर कर दिया गया है और छोटे बच्चों के साथ लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं.

हावड़ा में भी बुलडोजर एक्शन
उधर, हावड़ा में भी अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन हुआ. हावड़ा नगर निगम के 44 नंबर वार्ड में एक भवन निर्माण को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई. बताया जा रहा है कि संबंधित भवन के लिए केवल जी प्लस वन (G+1) निर्माण की अनुमति दी गई थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर वहां जी प्लस 5 (G+5) इमारत खड़ी कर दी गई.

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सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो.

स्थानीय सूत्रों के अनुसार लंबे समय से इस अवैध निर्माण को लेकर शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जांच कर निर्माण को नियम विरुद्ध पाया. जांच रिपोर्ट के आधार पर अवैध हिस्से को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया. राज्य में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है. प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे.
 

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