'जम्मू-कश्मीर को क्या मिला?', बुलडोजर की कार्रवाई पर राहुल गांधी ने BJP पर साधा निशाना

जम्मू-कश्मीर में अतिक्रमण पर हो रही बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है. वहीं विपक्षी नेता लगातार जम्मू कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. इस कड़ी में रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि जिस जमीन को लोगों ने मेहतन से सींचा, उसे अब उनसे छीना जा रहा है.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी (File Photo) कांग्रेस नेता राहुल गांधी (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

जम्मू कश्मीर में इन दिनों बुलडोजर गरज रहा है, घाटी में अवैध अतिक्रण के खिलाफ ऐक्शन लिया जा रहा है. बड़ी संख्या में जमीन से कब्जा हटवाया जा चुका है और कार्रवाई अभी भी जारी है. इसको लेकर जहां स्थानीय लोगों में आक्रोश है तो वहीं विपक्षी नेता लगातार जम्मू कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. इस कड़ी में रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि जिस जमीन को लोगों ने मेहतन से सींचा, उसे अब उनसे छीना जा रहा है. 

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राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "जम्मू-कश्मीर को चाहिए रोज़गार, बेहतर व्यापार और प्यार, मगर उन्हें मिला क्या? भाजपा का बुलडोज़र! कई दशकों से जिस ज़मीन को वहां के लोगों ने मेहनत से सींचा, उसे उनसे छीना जा रहा है. अमन और कश्मीरियत की रक्षा जोड़ने से होगी, तोड़ने और लोगों को बांटने से नहीं.

इससे पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम खुला पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था. उन्होंने इस पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री जी पूरे भारत को प्रेम और एकता के सूत्र में पिरोने के लिए जारी भारत जोड़ो यात्रा के जम्मू पड़ाव में कश्मीरी पंडितों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेलकर मुझसे मिला. सरकार के अधिकारी उन्हें कश्मीर घाटी वापस काम पर जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं. इन हालातों में सुरक्षा और सलामती की पक्की गारंटी के बिना उन्हें घाटी में काम पर जाने के लिए मजबूर करना एक निर्दयी कदम है. हालात के सुधरने और सामान्य होने तक सरकार इन कश्मीरी पंडित कर्मचारियों से अन्य प्रशासकीय और जनसुविधा के कार्यों में सेवाएं ले सकती हैं.

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बता दें कि 7 जनवरी से शुरू हुई बुलडोजर की कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर में 10 लाख से अधिक कनाल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उस पर कब्जा ले लिया है. इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन को कई इलाकों में लोगों के भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा. यहां कई जगहों पर पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं.

लोगों की जीविका छीनी जा रही: मुफ्ती 

महबूबा मुफ्ती ने समेत जम्मू-कश्मीर के तमाम नेता इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. मुफ्ती ने कुछ दिनों पहले केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा था कि मुफ्ती ने कहा था कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर हमारी जीविका छीनी जा रही है. हमारे यहां राज्य की अपनी भी एजेंसियां हैं. अब केंद्रीय और राज्य की एजेंसियों में प्रतियोगिता चल रही है. इतनी तादाद में कहीं बुलडोजर नहीं गए होंगे जितने कश्मीर में जा रहे हैं. गलत लोगों को हजारों एकड़ जमीन जम्मू कश्मीर में दी गई और एंटी एंक्रोचमेंट ड्राइव के नाम पर लोगों को घरों से निकाला जा रहा है.

बुलडोजर का प्रयोग अंतिम उपाय: उमर अब्दुल्ला

नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी कहा था कि जम्मू कश्मीर में अतिक्रमण विरोधी अभियान में बुलडोजर का इस्तेमाल हो रहा है. बुलडोजर का प्रयोग अंतिम उपाय के तौर पर करना चाहिए, पहला एक्शन नहीं. मुख्य सचिव किस आधार पर बुलडोजर भेज रहे हैं, जब सरकार ने अदालत में स्वीकार किया है कि ध्वस्त की जाने वाली संपत्तियों की सभी सूचियां फर्जी हैं. हम सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का समर्थन नहीं करते हैं. लेकिन एक तरीका है जिससे बेदखली की जानी चाहिए. हम मांग करते हैं कि गिराई जाने वाली संपत्तियों की सूची सार्वजनिक की जाए ताकि लोग अपना दावा पेश कर सकें.

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