मद्रास हाई कोर्ट से झटका खाने के बाद तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) के विधायक श्रीनिवास सेतुपति की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज यानी बुधवार को ही सुनवाई करेगा. यह सुनवाई इसलिए अहम है क्योंकि आज ही विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है. मद्रास हाईकोर्ट के आदेश की वजह से फिलहाल सेतुपति सदन में वोट देने के अधिकार से वंचित हैं.
सेतुपति ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती दी है और तत्काल राहत की मांग की है. 2026 के विधानसभा चुनाव में सेतुपति ने DMK नेता पेरियाकुरुप्पन को महज एक वोट के अंतर से हराया था.
इस करीबी जीत के बाद पेरियाकुरुप्पन ने चुनाव याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सेतुपति के सदन में वोट करने पर रोक लगा दी थी.
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा था?
मद्रास हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ तौर से कहा कि सेतुपति के सदन में वोट देने पर रोक सिर्फ मामले की पूरी सुनवाई होने तक के लिए है. कोर्ट ने यह भी कहा कि यह आदेश सेतुपति की जीत को रद्द करने के लिए नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है. हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पोस्टल बैलेट सहित वोटिंग के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं. इस मामले की मुख्य याचिका पर अब मद्रास हाई कोर्ट में 20 मई को सुनवाई होनी है. हालांकि, बहुमत परीक्षण को देखते हुए सेतुपति के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख निर्णायक साबित होगा.
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एक वोट की जीत और सियासी विवाद
यह पूरा विवाद 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से शुरू हुआ, जहां श्रीनिवास सेतुपति ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी DMK के पेरियाकुरुप्पन को सिर्फ एक वोट से पटखनी दी थी. इतनी कम मार्जिन की जीत के कारण ही यह मामला कानूनी पेचीदगियों में फंस गया. अब सरकार के पास बहुमत साबित करने की चुनौती है, ऐसे में एक-एक विधायक का वोट कीमती है. TVK विधायक के वोट पर लगी रोक से सदन का समीकरण प्रभावित हो सकता है.
संजय शर्मा