तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक, 65 कर्मचारी बीमार, 2 की मौत

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कन्नीगापर गांव में स्थित सेंट पीटर्स पॉल सीफ़ूड प्रोसेसिंग एंड एक्सपोर्ट कंपनी में अमोनिया गैस लीक हुई है. इस घटना से 65 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें फैक्टरी में काम करने वाले उत्तर भारतीय राज्यों के प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं. वहीं, इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है.

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अस्पतालों में भर्ती किए गए कर्मचारी.(Photo: pramod/ITG) अस्पतालों में भर्ती किए गए कर्मचारी.(Photo: pramod/ITG)

प्रमोद माधव

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  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:19 PM IST

तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया. पेरियापालयम के पास कन्निगापेर गांव स्थित 'सेंट पीटर्स पॉल सीफ़ूड प्रोसेसिंग एंड एक्सपोर्ट कंपनी' में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया. गैस फैलते ही फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगे.

इस हादसे में 65 से ज्यादा कर्मचारी गैस की चपेट में आ गए, जिनमें इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं, उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं. गैस का असर होते ही कई कर्मचारियों को सांस लेने में तकलीफ, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी. इसके बाद पर फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया. प्रभावित कर्मचारियों को अलग-अलग वाहनों के जरिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया. 

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अस्पतालों में भर्ती किए गए कर्मचारी

प्रभावित कर्मचारियों को इलाज के लिए तुरंत गाड़ियों से पास के वेल्स प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और वेंकटेश्वर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की टीम ने सभी मरीजों की तत्काल जांच शुरू की और इलाज किया. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 6 कर्मचारी गैस के प्रभाव से बेहोश हो गए. 

उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं. वहीं, दो लोगों के नाक से खून आने की भी जानकारी है, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया है. गांव के लोगों और फैक्ट्री में मौजूद अन्य कर्मचारियों में भी इस घटना के बाद भय का माहौल है. बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों और फैक्ट्री परिसर के बाहर जमा हो गए हैं.

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तीन गंभीर मरीजों को किया गया रेफर

घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की विशेष टीम ने गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों का प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद तीन गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के जरिए चेन्नई स्थित स्टेनली गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया गया. बता दें कि अमोनिया गैस का इस्तेमाल आमतौर पर कोल्ड स्टोरेज और सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में रेफ्रिजरेशन सिस्टम के लिए किया जाता है.

वहीं, राज्य के मंत्री कुमार ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि हादसे में 60 महिलाएं और 4 पुरुष प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है और अधिकारियों को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. 

FIR दर्ज, दो फैक्ट्री मालिक हिरासत में

हादसे के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. शुरुआती कार्रवाई के तहत फैक्ट्री के दो मालिकों को हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच जारी है. वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

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2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान

वहीं, घटना को लेकर मुख्यमंत्री थलपति विजय ने हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं, घटना की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है. इस समिति में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशक, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) के सदस्य सचिव और लोक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक  को शामिल किया गया है. 

वहीं, समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर अंतिम जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने आईटी मंत्री और तिरुवल्लुर जिले के प्रभारी मंत्री को तत्काल घटनास्थल पहुंचने के निर्देश दिए. उनके साथ निगरानी अधिकारी डॉ. के.पी. कार्तिकेयन (IAS) को भी मौके पर भेजा गया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वे जिला कलेक्टर और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करें और प्रभावित श्रमिकों व उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएं.

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