Pran Pratishtha: आखिर 1000 सालों तक कैसे मज़बूती के साथ टिका रहेगा राम मंदिर?

लार्सन एंड टुब्रो के बोर्ड डायरेक्टर एमवी सतीश ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण से हमारी टीम 15 अगस्त 2020 से ही जुड़ी है. मुख्य मंदिर की इमारत और गर्भगृह बिल्कुल तैयार है लेकिन मंदिर की ऊपरी मंजिलों में अभी काम बाकी है. मंदिर के निर्माण के लिए देशभर से पत्थरों को लाया गया और इस मंदिर में देश की संस्कृति झलकती है.

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राम मंदिर राम मंदिर

पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 5:28 PM IST

अयोध्या के भव्य राम मंदिर की सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हो गई. इसके साथ ही रामलला की मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया. हालांकि, 2020 में शुरू हुआ राम मंदिर का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है. राम मंदिर का ग्राउंड फ्लोर, गर्भगृह और पहली मंजिल बनकर पूरी तरह से तैयार है लेकिन मंदिर की दूसरी और तीसरी मंजिल इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी. ऐसे में राम मंदिर निर्माण के कार्य में जुटी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कंपनी की टीम ने बताया कि किस तरह यह मंदिर 1000 सालों तक टिका रहेगा.

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लार्सन एंड टुब्रो के बोर्ड डायरेक्टर एमवी सतीश ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण से हमारी टीम 15 अगस्त 2020 से ही जुड़ी है. मुख्य मंदिर की इमारत और गर्भगृह बिल्कुल तैयार है लेकिन मंदिर की ऊपरी मंजिलों में अभी काम बाकी है. मंदिर के निर्माण के लिए देशभर से पत्थरों को लाया गया और इस मंदिर में देश की संस्कृति झलकती है.

उन्होंने कहा कि इससे पहले साईंबाबा मंदिर और रांची के मंदिर के अलावा तिरुपति मंदिर के परिसर के निर्माण से जुड़े रहे हैं.

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1000 सालों तक कैसे खड़ा रहेगा मंदिर?

राम मंदिर निर्माण के लिए इस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार मेहता ने बताया कि हमने मंदिर को हजार सालों के लिए डिजाइन किया है. हमने मंदिर की नींव की 12 मीटर तक खुदाई की. इसके लिए हमने ना तो सरिया और ना ही कंक्रीट का इस्तेमाल किया है. हमने अलग-अलग तरह के पत्थरों का इस्तेमाल किया है जैसे- मंदिर की नींव में ग्रेनाइट स्टोन का इस्तेमाल किया. मंदिर के गर्भगृह को बेहद खूबसूरत दिखाने के लिए सफेद मकराना पत्थर का इस्तेमाल किया है. इसके साथ ही मंदिर के सुपर स्ट्रक्चर के लिए सैंडस्टोन का इस्तेमाल किया गया है. 

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उन्होंने बताया कि हमारा शुरू से ही उद्देश्य था कि मंदिर को इस तरह से तैयार करना है कि किसी भी तरह की परिस्थिति में मंदिर की आभा कम ना हो. इन्हीं विशेषताओं की वजह से राम मंदिर हजारों सालों तक जस का तस रहेगा. 

कैसा है राम मंदिर?

अयोध्या में राम मंदिर को पारपंरिक नागर शैली में बनाया गया है. मंदिर 2.7 एकड़ में बना है. ये तीन मंजिला है. इसकी लंबाई 380 फीट और ऊंचाई 161 फीट है. 

मंदिर का प्रवेश द्वार 'सिंह द्वार' होगा. राम मंदिर में कुल 392 पिलर हैं. गर्भगृह में 160 और ऊपर में 132 खंभे हैं. मंदिर में 12 प्रवेश द्वार होंगे. सिंह द्वार के जरिए आप जैसे ही मंदिर में प्रवेश करेंगे, सामने आपको नृत्य मंडप, रंग मंडप और गूढ़ मंडप भी दिखेगा. इस भव्य मंदिर परिसर में सूर्य देवता, भगवान विष्णु और पंचदेव मंदिर भी बन रहा है.

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