लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने सरकार के साथ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को निशाने पर रखा. उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से सांसद राजीव राय ने कहा कि अच्छा लगा सुबह कि चेयर से भी नेहरू और राजीव गांधी याद आए. संसदीय कार्य मंत्री ने भी कसीदे काढ़ दिए, मुगल बादशाह भी याद आ गए लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी याद नहीं आए.
उन्होंने संसीय कार्य मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि इसी सदन में न्यायपालिका के बारे में अरुण जेटली ने क्या कहा था, वह आपको याद आएगा या कोट करूं? राजीव राय ने कहा कि आपने एलओपी के विदेश जाने पर सवाल उठाया, सही है. मानता हूं कि विपक्ष के नेता को ज्यादा से ज्यादा सदन में रहना चाहिए, लेकिन बात माइक वाली आती है. उन्होंने कहा कि चेयर पर पूरा भरोसा करता हूं. जरूर जानना चाहूंगा कि माइक वहां से बंद नहीं होता.
राजीव राय ने कहा कि उधर से पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी को गाली दी जाती है, तब माइक चालू रहता है और इधर से कोई भी बोले, बंद हो जाता है. उन्होंने कहा कि माइक को आपने किसके हाथ में दे रखा है. प्रधानमंत्री कहीं गए थे, तो कहा था कि आज से पहले हमें भारतीय कहने में शर्म आती थी. आपको शर्म आती थी क्या. यह कहते-कहते राजीव राय ने कुछ मंत्रियों के नाम ले लिए. इस पर पीठासीन ने उन्हें टोका और चेयर की ओर देखने, चेयर को संबोधित करने के लिए कहा.
सपा सांसद राजीव राय ने इस पर कहा कि आपको इतना याद दिलाना चाहता हूं कि संसदीय कार्य मंत्री (किरेन रिजिजू) प्रियंका गांधी की ओर नहीं देख रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि इनके (बीजेपी के) ही सांसद अरुणाचल में चीन के हर रोज घुसने की बात लगातार कहते थे. रिकॉर्ड में है. अगर ऐसा नहीं होगा तो माफी मांगने को तैयार हूं. राजीव राय ने कहा कि ये कह रहे थे कमल की तरह पवित्र, कमल कीचड़ में खिलता है और यह देश कीचड़ नहीं है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली का दम घुंट रहा था, तब आपने वंदे मातरम् पर बहस शुरू कर दी. ओम बिरला को बहुत बेहतर इंसान समझता हूं. एक-दो अवसरों पर मैं भी स्पीकर के चैंबर में गया, मौका मांगा और उन्होंने मुझे मौका दिया. इसके लिए आभार व्यक्त करता हूं. क्या इस बात पर अविश्वास आया है क्या. राजीव राय ने कहा कि किस विषय पर आया है, यह समझने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि स्पीकर का पद गरिमामयी होता है. हम नो कॉन्फिडेंस मोशन पर चर्चा कर रहे हैं, एक मोशन भी दिया है.
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सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि आपने कभी सोचा है कि ये परिस्थिति पैदा क्यों हुई. इधर हो या उधर, कोई खुश नहीं है. खेत का झगड़ा है क्या. उन्होंने कहा कि आपने स्पीकर को इतना कमजोर क्यों कर दिया. इसके लिए आप जिम्मेदार हैं. स्पीकर को हटाने से ज्यादा हम इस बात में रुचि रखते हैं कि आपने स्पीकर को जो कमजोर किया, वह भी देश को जानना चाहिए. राजीव राय ने कहा कि स्पीकर को आपने डिप्टी स्पीकर नहीं दिया. आप नेहरू जी को कोट कर रहे थे.
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उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू ने स्पीकर को फ्रीडम की बात कही थी. क्या स्पीकर को फ्रीडम है? उदाहरण दूं कुछ. राजीव राय ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा टीवी अलग-अलग होता था, संसद टीवी कर उसका चीफ उपराष्ट्रपति के सेक्रेटरी को बना दिया. सिक्योरिटी भी उनसे छीन लिया. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के संबंध में कोई भी चर्चा उनकी नैतिकता पर कोई सवाल नहीं उठाती है. अध्यक्ष पद राजनीतिक पद नहीं है. यह सदन की गरिमा का प्रतिनिधित्व करता है.
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राजीव राय. ने कहा कि तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है, कोई स्पीकर हटाया नहीं जा सका है. आज भी सबको पता है कि मेजॉरिटी किसकी है. रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि आप यूके की बात कर रहे थे. यूके में हाउस ऑफ कॉमंस है. स्पीकर पांच साल बाद जब चुनाव लडने जाते हैं, तो कोई पार्टी कैंडिडेट नहीं उतारती और वे निर्विरोध चुनकर आते हैं. सीखने में क्या हर्ज है. इसी हाउस में मैंने चुनाव आयोग के कारनामे रिकॉर्ड लहराकर पूछा था, किसी ने जवाब नहीं दिया. अध्यक्ष के पास जाइए कि अधिकारी अपमान कर रहा, वे कहते हैं कि राज्य का मामला है. साहबों को साहबे किरदार से हटना पड़ेगा, आपको भी एक दिन सरकार से हटना पड़ेगा.
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