एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कुल 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के साथ एकजुटता व्यक्त की है. उन्होंने यूथ कांग्रेस के सदस्यों को निडर बताते हुए उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की प्रशंसा की है.
राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है. यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है. मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है. अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है. यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा और हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा.'
उन्होंने आगे कहा, 'इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और IYC के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है. कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मजबूती से खड़े हैं. सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है. डरो मत- सच और संविधान हमारे साथ हैं.' बता दें कि दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को 20 घंटे की पूछताछ के बाद मंगलवार तड़के 4:30 बजे के आसपास गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने उन्हें भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट के पीछे का मास्टरमाइंड बताया है. उदय भानु पर प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने का आरोप है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, ये सभी युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं. पुलिस का आरोप है कि उदय भानु ने अन्य लोगों के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा पहुंचाई और उन पर हमला किया. पूछताछ के दौरान उन्होंने सहयोग नहीं किया और न ही उन सह-आरोपियों के नाम बताए जो मौके से फरार हो गए थे.
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के कृत्य का राहुल गांधी द्वारा बचाव किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, 'युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कृत्यों का जिस तरह राहुल गांधी बचाव कर रहे हैं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिस प्रकार का अशोभनीय व्यवहार हुआ, उसने पूरी दुनिया के सामने भारत की छवि को आहत किया और अब उसे सही ठहराने के लिए वीडियो संदेश जारी करना और भी गैर-जिम्मेदाराना है. नेता प्रतिपक्ष होने का अर्थ देश के विरोध का नेता बनना नहीं है. ऐसी हरकतें बंद होनी चाहिए और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर गंभीरता व जिम्मेदारी दिखाई जानी चाहिए.'
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