PM की अपील पर VIP कल्चर पर ब्रेक, कई बड़े मंत्रियों ने घटाए काफिले, इन राज्यों में नए नियम

होर्मुज पर बने संकट का असर अब भारत पर भी साफ दिखने लगा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और सामूहिक त्याग की अपील के बाद केंद्र और BJP शासित राज्यों में मंत्रियों के काफिले छोटे किए जा रहे हैं. कई नेताओं ने सरकारी सुविधाओं और विदेशी दौरों तक में कटौती शुरू कर दी है.

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ईंधन बचाने की मुहिम तेज, नितिन गडकरी बस से करेंगे यात्रा, राज्यों ने भी उठाए बड़े कदम. (Photo: PTI) ईंधन बचाने की मुहिम तेज, नितिन गडकरी बस से करेंगे यात्रा, राज्यों ने भी उठाए बड़े कदम. (Photo: PTI)

ऐश्वर्या पालीवाल / चेतन भूटानी

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

वेस्ट एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद केंद्र सरकार के कई बड़े मंत्रियों और BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने सुरक्षा काफिलों में गाड़ियों की संख्या 50 फीसदी तक कम कर दी है. कई नेताओं ने सरकारी गाड़ियों, हेलीकॉप्टर और जहाजों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाए हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद बुधवार को कैबिनेट बैठक के लिए अपने आवास से प्रधानमंत्री कार्यालय सिर्फ चार गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे. जबकि 'ब्लू बुक' के अनुसार प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में आमतौर पर 14 से 17 गाड़ियां शामिल रहती हैं. मौजूदा सुरक्षा खतरों और राज्य पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के चलते कई बार PM के काफिले में 30 से 40 तक गाड़ियां भी शामिल हो जाती हैं.

PM मोदी की अपील के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सुरक्षा काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. Z+ सुरक्षा श्रेणी में आने वाले अमित शाह आमतौर पर 11 से 12 गाड़ियों के काफिले के साथ चलते हैं, लेकिन बुधवार को वह कैबिनेट बैठक में सिर्फ चार गाड़ियों के साथ पहुंचे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपने काफिले में बड़ी कटौती की है. वो आमतौर पर 11 गाड़ियों के साथ चलते हैं.

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रक्षा मंत्री भी अब सिर्फ चार गाड़ियों के काफिले का इस्तेमाल कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी अपने सुरक्षा काफिले को घटाकर सिर्फ चार गाड़ियों तक सीमित कर दिया है. उनको भी Z+ सुरक्षा प्राप्त है. वहीं, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस दिशा में सबसे बड़ा प्रतीकात्मक कदम उठाया है. उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले का आकार 50 प्रतिशत घटा दिया है.

इसके साथ ही महाराष्ट्र दौरे के दौरान उन्होंने केवल बस से यात्रा करने का फैसला किया है. 13 मई 2026 को लिखे एक आधिकारिक पत्र में गडकरी ने महाराष्ट्र पुलिस और जिला प्रशासन को सूचित किया कि 14 और 15 मई को संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग परियोजनाओं के निरीक्षण दौरे के दौरान वे अधिकारियों, पत्रकारों और सुरक्षा कर्मियों के साथ बस से सफर करेंगे.

PM मोदी की सामूहिक त्याग की अपील

सरकारी हलकों में काफी समय से इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही थी कि यदि होर्मुज लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो भारत में तेल और LPG सप्लाई पर गंभीर असर पड़ सकता है. भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है. चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों ने पहले ही कई कदम उठाए हैं.

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वहां ईंधन राशनिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसे कदमों की घोषणा कर दी गई थी. हालांकि भारत ने अब तक औपचारिक प्रतिबंध नहीं लगाए थे. 11 मई को चार राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सामूहिक त्याग की अपील की थी. उन्होंने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने और ईंधन की खपत कम करने की बात कही थी.

कई राज्यों में भी शुरू हुई मुहिम...

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों का आकार 50 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने लोगों से ईंधन बचाने और अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचने की अपील भी की है. उनकी अपील के बाद कई विधायकों ने अपनी एस्कॉर्ट गाड़ियां छोड़नी शुरू कर दी हैं. लखनऊ की मेयर ने भी आवंटित दो सरकारी गाड़ियों में से एक वापस कर दी है.

महाराष्ट्र

देवेंद्र फडणवीस सरकार ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर तुरंत अमल शुरू कर दिया है. अब मंत्री विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी विमान का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इसके लिए भी मुख्यमंत्री की पूर्व मंजूरी जरूरी होगी. कई मंत्रियों के विदेशी दौरे भी रद्द कर दिए गए हैं. इसके मद्देनजर सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने कान्स फिल्म फेस्टिवल के लिए फ्रांस यात्रा रद्द कर दी है. 

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दिल्ली

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनके मंत्री और अधिकारी अब कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे. उन्होंने कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देने की बात कही है. रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से निजी वाहनों के बजाय बसों और मेट्रो सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील भी की है. इसके बाद प्रतीकात्मक रूप से कई मंत्री मेट्रो में यात्रा करते हुए देखे गए हैं.

गुजरात

गुजरात सरकार ने भी खर्च कटौती अभियान के तहत कई बड़े फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल बुधवार को अमरेली सिर्फ तीन गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और श्रम मंत्री ने अपनी एस्कॉर्ट गाड़ियां छोड़ने का फैसला किया है. गुजरात के राज्यपाल ने कार्यक्रमों के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया है. अब वे ट्रेन, बस और सार्वजनिक परिवहन के जरिए यात्रा करेंगे.

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी गई है. सरकार ने मंत्रियों और निगमों-बोर्डों के नए पदाधिकारियों को बड़े जुलूस और वाहन रैलियों से बचने का निर्देश दिया है. हाल ही में सौभाग्य ठाकुर के 200 गाड़ियों के काफिले को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब सादगी और ईंधन बचत को प्राथमिकता दी जाएगी.

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