प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकारी खर्च कम करने और ईंधन बचत के संदेश को सख्ती से अमल में लाते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाने का फैसला किया है.
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को निर्देश दिया कि उनके काफिले में वाहनों की संख्या आधी कर दी जाए. साथ ही उन्होंने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की संख्या बढ़ाने को कहा है, लेकिन इसके लिए नए वाहन खरीदने की मनाही की है.
उधर, SPG ने प्रधानमंत्री के इन निर्देशों को तुरंत लागू करना शुरू कर दिया है. हाल ही में गुजरात और असम की यात्राओं के दौरान काफिले को छोटा रखा गया था. सुरक्षा के जरूरी मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए ‘ब्लू बुक’ में दिए गए दिशानिर्देशों से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री की इस पहल का असर अब अन्य मंत्रालयों और राज्यों में भी दिखने लगा है. केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने एस्कॉर्ट वाहन न लेने का फैसला किया है जो सादगी की ओर एक बड़ा संकेत है.
इसी तरह बीजेपी शासित राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिले छोटे करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. कई मंत्रालय ईंधन बचाने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और नई कार्यप्रणालियों पर विचार कर रहे हैं.
दरअसल, पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में तेलंगाना बीजेपी द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ईंधन के कम इस्तेमाल पर जोर दिया.
प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग करने, इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और घर से काम करने का सुझाव दिया था.
हिमांशु मिश्रा