'100 करोड़ वसूली' केस: महाराष्ट्र सरकार की याचिका से पहले SC में दाखिल हुई केविएट

बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं में से एक जयश्री पाटिल ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल की. केविएट में कहा गया है कि अदालत कोई भी फैसला लेने के पहले उनकी भी सुने.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 1:12 PM IST
  • HC के फैसले के खिलाफ SC जाएगी सरकार
  • याचिका से पहले SC में दाखिल की गई केविएट

'100 करोड़ वसूली' केस में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और महाराष्ट्र सरकार के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की सुगबुगाहट होते ही हलचल बढ़ गई है. बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं में से एक जयश्री पाटिल ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल की. केविएट में कहा गया है कि अदालत कोई भी फैसला लेने के पहले उनकी भी सुने.

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बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर उगाही के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था. इन आरोपों पर बाम्बे हाइकोर्ट ने अनिल देशमुख के खिलाफ जांच का आदेश दे दिया है. इसके बाद अनिल देशमुख ने गृहमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. खबर है कि उद्धव सरकार हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही.

जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी पैरवी करेंगे. वहीं अनिल देशमुख भी कोर्ट में एक अपील दायर करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार के अलावा बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को अनिल देशमुख सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगे. अनिल देशमुख वरिष्ठ वकीलों से सलाह ले रहे हैं.

क्या था बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह अनिल देशमुख पर मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार एवं कदाचार के आरोपों की प्रारंभिक जांच 15 दिन के भीतर करे. हाई कोर्ट के आदेश के बाद अनिल देशमुख ने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

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हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि सीबीआई को शुरुआती जांच करनी चाहिए, जिसमें सभी को सहयोग करना होगा. 15 दिनों के अंदर सीबीआई के डायरेक्टर को रिपोर्ट सौंपी जाएगी. अगर सीबीआई की रिपोर्ट में गृह मंत्री अनिल देशमुख पर केस पुख्ता बनता है, तो सीबीआई एफआईआर दर्ज करेगी. 

 

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