जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. इस घटना के बाद ब्लैक कैट्स यानी NSG ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. अब NSG उन सभी बड़े नेताओं की सुरक्षा की जांच करेगी, जिन्हें जेड-प्लस सुरक्षा मिली हुई है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब सुरक्षा घेरे को और भी टाइट किया जाएगा ताकि आगे ऐसी गलती न हो.
9 बड़े नेताओं का सुरक्षा घेरा जांचेगी NSG
अभी के समय में NSG के कमांडो देश के 9 सबसे खास लोगों (VIPs) को सुरक्षा देते हैं. इसमें फारूक अब्दुल्ला के अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू जैसे बड़े नाम शामिल हैं. अब इन सभी की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से चेक किया जाएगा कि कहीं कोई कमी तो नहीं रह गई है.
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कैसे काम करती है ये सुरक्षा?
नियमों के हिसाब से, जब ये बड़े नेता कहीं आते-जाते हैं, तो NSG कमांडो उनके साथ-साथ चलते हैं. लेकिन जब वे किसी हॉल, शादी या मीटिंग के अंदर होते हैं, तो वहां चार कमांडो की एक खास टीम उनके बिल्कुल करीब तैनात रहती है. फारूक अब्दुल्ला के साथ भी यही टीम थी, जिसने फुर्ती दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया.
पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने साफ किया है कि यह एक तय नियम है कि जब भी किसी वीआईपी (VIP) की सुरक्षा में ऐसी कोई बड़ी या अनहोनी घटना होती है, तो पूरे सुरक्षा इंतजामों की नए सिरे से जांच या ऑडिट करना जरूरी होता है.
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बुधवार की रात आखिर हुआ क्या था?
पूरा वाकया बुधवार रात का है, जब फारूक अब्दुल्ला जम्मू में एक शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे. तभी अचानक पीछे से एक हमलावर आया और उन पर गोली चलाने की कोशिश की. गनीमत रही कि वे बाल-बाल बच गए, क्योंकि वहां मौजूद एक पुलिस अधिकारी और NSG कमांडो ने हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया. इसके तुरंत बाद, कमांडो ने अब्दुल्ला को सुरक्षा घेरे में लिया और उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाल ले गए.
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