'कवि, दार्शनिक, इतिहासकार और कट्टर देशभक्त थे सावरकर'... नितिन गडकरी ने बताई Savarkar को लेकर कई अहम बातें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सावरकर को लेकर कई अहम बातें कही. उन्होंने बताया कि सावरकर केवल कट्टर देशभक्त ही नहीं थे, बल्कि एक शानदार कवि, दार्शनिक और इतिहासकार भी थे. गडकरी ने सावरकर को आदर्श समाज सुधारक बताया.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सावरकर को एक कट्टर देशभक्त बताया. (फाइल फोटो: PTI) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सावरकर को एक कट्टर देशभक्त बताया. (फाइल फोटो: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विनायक दामोदर सावरकर को एक कट्टर देशभक्त बताया है. शनिवार को स्वातंत्र्य वीर सावरकर स्मारक समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने संबोधित करते हुए सावरकर के विषय में कई अहम बातें कहीं.

इस अवसर पर पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) को सम्मानित किया गया. नितिन गडकरी ने कहा कि सावरकर का वैचारिक दृष्टिकोण वैज्ञानिक था. हिंदुत्व को लेकर सावरकर की जो व्याख्या थी, वह आज भी प्रासंगिक और उपयोगी है.

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए गडकरी ने बताया कि उन्होंने एक बड़े राजनीतिक नेता से कहा था कि अगर स्वतंत्रता सेनानी महान नहीं हैं, तो इस देश में कोई भी महान नहीं है. 

गडकरी ने बताया कि मैंने उस नेता से कहा कि आप विचारधारा की आलोचना कर सकते हैं और विचारों में मतभेद हो सकते हैं. लेकिन देश के लिए सावरकर और उनके परिवार से ज्यादा बलिदान किसी ने नहीं दिया है. 

सावरकर समाज सुधारक थे

नितिन गडकरी ने कहा कि सावरकर सिर्फ कट्टर देशभक्त ही नहीं थे, बल्कि शानदार कवि, दार्शनिक और इतिहासकार भी थे. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि वे एक आदर्श समाज सुधारक थे. सावरकर का स्पष्ट मत था कि हिंदू समाज में मौजूद जाति व्यवस्था, उसके विभाजन और छुआछूत को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए.

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कोई व्यक्ति अपनी जाति के कारण श्रेष्ठ नहीं होता, बल्कि अपने गुणों के कारण श्रेष्ठ बनता है. यही सावरकर का विश्वास था. सावरकर का पूरा जीवन त्याग, तपस्या और समर्पण का उदाहरण है. देश के लिए सावरकर के परिवार जितना बलिदान शायद ही किसी और परिवार ने दिया हो.

गडकरी ने यह भी कहा कि सावरकर के लेखन और उन पर बनी फिल्म अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए.

राहुल गांधी कई बार दावा कर चुके हैं कि सावरकर ने जेल से बाहर आने के लिए ब्रिटिश सरकार से माफी मांगी थी. इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ पुणे की अदालत में मानहानि का मामला चल रहा है.

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