संसद के चालू बजट सत्र के दौरान गुरुवार को एक वाकया ऐसा भी हुआ, जब स्पीकर ने मंत्री का नाम ले लिया और वह सदन में मौजूद ही नहीं थे. यह वाकया प्रश्नकाल के दौरान हुआ. भड़के स्पीकर ने संसदीय कार्य मंत्री से इसे नोट कर लेने को कहा और हिदायत भी दी कि ऐसा फिर कभी नहीं होना चाहिए. स्पीकर ने सदन में मंत्री की गैरमौजूदगी पर कड़ी नाराजगी जताई और फिर अगला प्रश्न ले लिया.
दरअसल, हुआ ये कि लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) से जुड़े प्रश्न लिस्टेड थे. स्पीकर ओम बिरला ने इसके लिए सदस्य का नाम लेते हुए कहा कि क्वेश्चन नंबर 550, श्री जगदीश चंद्रा वर्मा वसुनिया. उन्होंने इसके बाद उत्तर देने के लिए कहा- माननीय मंत्री महोदय. स्पीकर के इतना बोलने के बाद भी कुछ देर तक शांति बनी रही और उत्तर देने के लिए कोई खड़ा नहीं हुआ.
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स्पीकर ने कुछ देर इंतजार किया और फिर दोहराया, माननीय मंत्री महोदय. फिर भी कोई हलचल नहीं हुई. तब स्पीकर ने इधर-उधर नजर दौड़ाई. किसी ने कहा कि मंत्री जी नहीं हैं. इस पर स्पीकर ने पूछा कि राज्यमंत्री कौन हैं उनके. एमएसएमई के राज्यमंत्री कौन हैं. ओम बिरला ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री जी, इसको नोट कर लो. ऐसा नहीं होना चाहिए फिर कभी.
गौरतलब है कि एमएसएमई के मंत्री हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी हैं. एमएसएमई राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे हैं. सदन में प्रश्नकाल के दौरान एमएसएमई से जुड़े प्रश्न लिस्टेड थे, लेकिन दोनों में से कोई भी वहां उत्तर देने के लिए मौजूद नहीं था. यह प्रश्न विभाग की ओर से इनोवेशन को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण उद्योग और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़ी योजना ASPIRE योजना के तहत प्रशिक्षित लाभार्थियों की संख्या से जुड़ा था.
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