कुवैत में भारतीय नागरिक पर गिरा ईरानी मिसाइल का मलबा, मौत

खाड़ी देशों में जारी संघर्ष की मार अब भारतीय कामगारों पर पड़ने लगी है. कुवैत में इलेक्ट्रीशियन के रूप में कार्यरत तमिलनाडु के एक व्यक्ति की ईरानी मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई. पीड़ित परिवार ने अब सरकार से शव को भारत लाने की गुहार लगाई है.

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कुवैत में भारतीय नागरिक पर गिरा मिसाइल का मलबा. (File photo: ITG) कुवैत में भारतीय नागरिक पर गिरा मिसाइल का मलबा. (File photo: ITG)

प्रमोद माधव

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:38 PM IST

कुवैत में एक भारतीय श्रमिक की सोमवार को ईरानी मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई. मृतक की पहचान संताना सेल्वम के रूप में हुई है. वह मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला था और पिछले दस सालों से ज्यादा वक्त से कुवैत में एक इंजीनियरिंग और कॉन्ट्रैक्टिंग कंपनी में इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम कर रहे थे. इसके साथ ही मिसाइल हमलों में अब तक दो भारतीयों की मौत हो चुकी है, जबकि मिडिल ईस्ट युद्ध में कुल नौ भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है.

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की और एक औपचारिक याचिका सौंपी. परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि संताना का शव कुवैत से वापस लाया जा सके और अंतिम संस्कार किया जा सके.

वहीं, मिसाइल हमलों के कारण कुवैत में जान गंवाने वाले भारतीयों की संख्या अब दो हो गई है. सेल्वम की मौत से ठीक एक दिन पहले, बिजली और पानी के विलवणीकरण संयंत्र (Desalination Plant) में काम करने वाले एक अन्य भारतीय की भी ईरानी मिसाइल गिरने से मौत हुई थी. मिडिल ईस्ट में जारी इस युद्ध के दौरान अब तक कुल नौ भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है.

कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर इस हमले की निंदा की. मंत्रालय ने इसे खाड़ी देश के खिलाफ ईरान का निंदनीय आक्रामकता करार दिया है.

मंत्रालय ने आगे कहा कि इस हमले में बिल्डिंग को भी नुकसान हुआ है. साथ ही नुकसान को नियंत्रित करने और परिचालन जारी रखने के लिए तकनीकी और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल को तैनात कर दिया.

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