मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने ट्रकों के एक काफिले पर हमला कर दिया. इस हमले में पश्चिम बंगाल का एक ट्रक ड्राइवर मारा गया और एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया. मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा की है.
उखरुल जिले में 15 से 20 ट्रकों का एक काफिला जा रहा था. इन ट्रकों को BSF, CRPF और पुलिस की एक मिली-जुली टीम सुरक्षा दे रही थी. काफिला उखरुल की तरफ बढ़ रहा था, तभी टीएम कासोम के पास संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक हमला बोल दिया.
इस हमले में ट्रक ड्राइवर नितीश कुमार (57 साल), जो पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे, मौके पर ही मारे गए. एक पुलिस कांस्टेबल को घुटने पर गोली लगी और वो घायल हो गया. सुरक्षाबलों ने भी जवाबी फायरिंग की, जिससे थोड़ी देर तक दोनों तरफ से गोलियां चलती रहीं. इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया.
यह घटना शांगकाई गांव से करीब 6 किलोमीटर दूर हुई. उसी दिन सुबह इसी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी थी, जिसे हटाने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे.
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि जो लोग जरूरी सामान पहुंचाने वाले ट्रक ड्राइवरों पर हमला करते हैं, वो बेहद कायराना काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला उन ताकतों ने किया जो राज्य में शांति लौटाने की कोशिशों को बर्बाद करना चाहती हैं. मुख्यमंत्री ने घायल कांस्टेबल के जल्दी ठीक होने की दुआ भी मांगी.
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गौरतलब है कि महज दो दिन पहले यानी बुधवार को मुख्यमंत्री ने मणिपुर ट्रक ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी. इस बैठक में नेशनल हाइवे पर कानून-व्यवस्था और ट्रकों की आवाजाही की स्थिति पर बात हुई थी. CM ने उस वक्त कहा था कि सरकार ट्रकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
यह इलाका पहले भी हमलों का गवाह रह चुका है. 18 अप्रैल को इसी TM कासोम गांव के पास संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें एक रिटायर्ड फौजी समेत दो आम नागरिक मारे गए थे.
इनपुट: पीटीआई
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