कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को अपने दिल्ली स्थित आवास पर बिहार के नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे. साथ ही पार्टी ने हालिया बिहार चुनाव 6 सीटों पर जीत दर्ज करने वाले विधायकों के पाला बदलने की अफवाहों पर विराम लगा दिया है. सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई.
बिहार के नवनिर्वाचित विधायकों के बाद बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरें पूरी तरह निराधार और फर्जी हैं.
'एकजुट है पार्टी'
उन्होंने पुष्टि की कि आज की बैठक में पार्टी के सभी नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित थे. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ इस तरह की खबरें फैलाकर भ्रम पैदा किया जा रहा है, जबकि पार्टी पूरी तरह एकजुट है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस दौरान पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावारू भी उपस्थित रहे.
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब हुआ, जब निर्दलीय सांसद पप्पू यादव खड़गे के आवास पर पहुंचे, लेकिन आमंत्रित सदस्यों की सूची में नाम न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा. हालांकि, बाद में कांग्रेस नेताओं से बातचीत के बाद वे दोबारा बैठक में शामिल होने के लिए लौटे. बैठक में अखिलेश प्रसाद सिंह, कन्हैया कुमार, रंजीत रंजन और मदन मोहन झा जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी बिहार में संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की.
आपको बता दें कि पिछले साल बिहार में हुई विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन में 60 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन महज 6 ही सीटों पर जीत दर्ज की थी.
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