लद्दाख के उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने गृह मंत्रालय में सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो से मुलाकात की. इस बातचीत पर विनय सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय में कंस्ट्रक्टिव बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक और गीतांजलि अंग्मो के साथ स्पष्ट संवाद हुआ.
उन्होंने बताया हम इस बात पर सहमत हुए कि विकास पहलों और राजनीतिक संवाद दोनों के संदर्भ में पॉजिटविटी का माहौल बनाए रखना जरूरी है.
मैंने सोनम वांगचुक को कहा कि वे भ्रामक और भड़काऊ नैरेटिव गढ़ने से बचें, क्योंकि इससे सार्वजनिक चर्चा का माहौल प्रभावित होता है.
विनय कुमार ने एक्स पर आगे बताया, लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को झूठ गढ़ने और लोगों को भड़काने का लाइसेंस नहीं समझा जाना चाहिए. उन्होंने स्वीकार किया कि लद्दाख की स्थिति की तुलना मणिपुर से करना भूल थी.
विनय कुमार ने बताया कि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कॉकरोच पार्टी की उत्पत्ति के बारे में जानकारी नहीं है और वे इसके संस्थापकों के उद्देश्यों का अध्ययन करेंगे और जरूरत पड़ने पर अपने रुख पर फिर से विचार करेंगे.
वांगचुक ने की विकास पहलों की तारीफ
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने कहा कि मैंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि केंद्र की ओर से शुरू किए गए पॉजिटिव घटनाक्रमों के बावजूद, बार-बार होने वाली रैलियों और विरोध प्रदर्शनों का पर्यटन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो लद्दाख की रीढ़ है.
वांगचुक ने हाल के दिनों में शुरू की गई हिम सरोवर परियोजना, इगू फे नहर की बहाली, माहे-टोपको नहर का निर्माण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान जैसी सकारात्मक विकास पहलों की सराहना की. बता दें, सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक माने जाते हैं.
पीयूष मिश्रा