'बॉसगिरी' पड़ी भारी! कर्मचारियों को मैसेज भेजने पर कोर्ट ने CMO से कहा- ये तत्काल बंद करें 

केरल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री कार्यालय को सरकारी कर्मचारियों को संदेश भेजने से रोक दिया है और निजता उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए स्पष्टीकरण मांगा है. याचिका में आरोप है कि CMO ने अवैध तरीके से कर्मचारियों की निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी हासिल कर बड़े पैमाने पर संदेश भेजे.

Advertisement
केरल हाईकोर्ट ने CMO को सरकारी कर्मचारियों को संदेश भेजने से रोका केरल हाईकोर्ट ने CMO को सरकारी कर्मचारियों को संदेश भेजने से रोका

शिबिमोल

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 24 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:27 PM IST

केरल सरकार को हाईकोर्ट से झटका लगा है. केरल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को निर्देश दिया है कि वह सरकारी कर्मचारियों को इस तरह के संदेश भेजना तुरंत बंद करे.

कोर्ट ने यह भी पूछा है कि CMO के पास सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी कैसे पहुंचे. अदालत ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या कर्मचारियों की निजता का उल्लंघन हुआ है. अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. तब तक कोर्ट ने साफ कहा है कि इसी तरह के मैसेज सरकारी कर्मचारियों को न भेजे जाएं.

Advertisement

यह मामला एक याचिका पर सुनवाई के दौरान उठा. यह याचिका राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग के एक कर्मचारी ने दायर की है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने अवैध तरीके से कर्मचारियों की निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी हासिल की और फिर बड़े पैमाने पर मैसेज भेजे. इन संदेशों में सरकार की उपलब्धियां बताई जा रही थीं.

याचिका में कहा गया है कि कर्मचारियों को समझ नहीं आ रहा कि उनकी निजी जानकारी CMO तक कैसे पहुंची. आशंका जताई गई है कि ‘स्पार्क’ (Service Pay Roll Administrative Repository for Kerala) पोर्टल से डाटा लिया गया हो सकता है. यह एक ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म है, जहां सरकारी कर्मचारियों की एचआर और वेतन संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज रहती है. अब हाईकोर्ट सरकार से जवाब मांग रहा है कि आखिर यह डाटा किस तरह इस्तेमाल किया गया और क्या इसमें निजता के नियमों का उल्लंघन हुआ.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement