विदेश मंत्रालय और चीन सरकार के सहयोग से कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल जून से अगस्त के बीच आयोजित होगी. इस बार उत्तराखंड राज्य से लिपुलेख दर्रे के रास्ते 50 यात्रियों के 10 दल यात्रा करेंगे, वहीं सिक्किम राज्य से नाथू ला दर्रे के रास्ते भी 50 यात्रियों के 10 दल प्रस्थान करेंगे.
आवेदन के लिए वेबसाइट kmy.gov.in शुरू कर दी गई है. यात्रियों का चयन एक निष्पक्ष, कंप्यूटर आधारित, रैंडम और जेंडर-बैलेंस्ड प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा.
कैलाश मानसरोवर यात्रा की पूरी प्रक्रिया, ऑनलाइन आवेदन से लेकर यात्रियों के चयन तक पूरी तरह से कंप्यूट्राइज्ड है. इच्छुक आवेदक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन कर सकते हैं और अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं.
आवेदकों को जानकारी पाने के लिए पत्र या फैक्स भेजने की जरूरत नहीं है. वेबसाइट पर दिए गए फीडबैक विकल्पों का इस्तेमाल जानकारी प्राप्त करने, अपनी राय दर्ज करने या यात्रा में सुधार करने का सुझाव देने के लिए किया जा सकता है.
आवेदक चाहें तो दोनों रूट चुन सकते हैं और प्राथमिकता तय कर सकते हैं, या फिर केवल एक रूट का चयन भी कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 19 मई 2026 है.
बता दें, कैलाश मानसरोवर यात्रा भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिकता की एक अद्वितीय यात्रा है. यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम भी मानी जाती है. तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील को हिन्दू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों द्वारा काफी पवित्र माना जाता है.
शिवानी शर्मा